इटावा , जनवरी 10 -- उत्तर प्रदेश के इटावा मुख्यालय स्थित डॉ.भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय की इमरजेंसी में जीवन रक्षक एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन का मामला सामने आने से हडकंप मच गया है।

एक्सपायरी डेट डंजेक्शन का मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने स्वास्थ्य महकमे की कार्यशैली पर सवाल उठाया है तो वही सीएमएस और प्रभारी मंत्री ने गंभीर मामला मानते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।

जीवन रक्षक दवाओ में शामिल इस एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन के किसी मरीज के लगने से पहले ही उसे पकड़ लिया गया।

दरअसल, शहर के पक्का बाग की रहने वाली एक वद्ध महिला सुभद्रा को सांस की दिक्कत होने पर परिवार के लोग इलाज के लिए यहां लेकर आये थे। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डा. ओमकांत एवं फार्मासिस्ट शरद तिवारी ने तुरंत मरीज को देखा और सांस की दिक्कत होने पर धडकन कम होने पर तुरंत फार्मासिस्ट एवं वार्ड व्बाय को एटोपेन इंजेक्शन मरीज को लगाने की बात कही। वार्ड ब्वाय ने इमरजेंसी में रखी मेडिसन ट्राली से जब इंजेक्शन निकाला और उसकी जांच की तो इंजेक्शन 12 दिसंबर 2025 को एक्सपायर हो चुका था। वार्ड ब्वाय ने डाक्टर व फार्मासिस्ट को इंजेक्शन के एक्सपायर होने के संबंध में बताया तो स्टाफ में हड़कंप मच गया ।

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