इटावा , मार्च 11 -- उत्तर प्रदेश में इटावा के जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने कहा है कि जिले में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है और गैस एजेंसीओ पर बेवजह लाइन लगाने की कोई जरूरत नहीं है।

श्री शुक्ला ने बुधवार को अपने कार्यालय में जिला पूर्ति अधिकारी, गैस एजेंसी और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की और रसोई गैस आपूर्ति की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने बताया कि इटावा में गैस की कोई भी किल्लत किसी भी तरह की नहीं है। गैस उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग करें और उनको नियम के तहत गैस उपलब्ध कराई जाएगी। वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए अभी पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से कोई निर्देश नहीं आया है, जैसे ही निर्देश प्राप्त होगा वैसे ही वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी ।

बैठक गैस एजेंसी प्रतिनिधि के सामने स्थानीय लोगों की उन शिकायतों का भी जिक्र किया जिसमें गैस कंपनी के सर्वर के सही ढंग से संचालित ना होने के कारण गैस उपभोक्ता बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं जिस पर गैस एजेंसी के प्रतिनिधि ने इस बात का भरोसा दिया कि बुकिंग सर्वर को ठीक करने के लिए वह कंपनी से संवाद स्थापित कर रहे हैं।

गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि उन्हें लिखित में आदेश दिया गया है जिसमें वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जा रही।

इटावा की जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी का कहना है कि फिलहाल कोई आदेश नहीं दिया गया है और जिले में पर्याप्त गैस संसाधन उपलब्ध है। जिले में संचालित 29 गैस एजेंसी में कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग पूरी तरीके से बंद कर दी गई है। इटावा में कुल 414619 घरेलू कनेक्शन है इसके अलावा 66000 कमर्शियल कनेक्शन है। एसएमएस सरकार ने सात मार्च को घरेलू सिलेंडर पर 60 रुपए की वृद्धि की है। इसके अलावा बुकिंग में भी परिवर्तन किया गया है । 21 दिन पर होने वाली बुकिंग के लिए 25 दिन का समय निर्धारित कर दिया गया जबकि कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग पूरी तरीके से बंद हो गई है।

ईरान- अमेरिका युद्ध के बाद सहालग में शादी विवाह के लिए लोगों को एलपीजी गैस सिलेंडरों के मिलने की दिक्कत होने लगी है। शादी विवाह में खाना बनवाने के लिए पर्याप्त गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में शादी विवाह करने वाले परिवारों के ने इसकी समस्या आ रही है। शादी विवाह के लिए लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर न मिलने अथवा कम मिलने से लकड़ी जलने वाली से भट्टी अथवा चूल्हे की व्यवस्था का इंतजाम भी करना पड़ रहा है।होली के बाद सहालग शुरू हो गयी इस समय शादी विवाह का मौसम चल रहा है।

इसके अलावा लोग अपनी पुत्री या पुत्र की शादी की पक्कायत भी कर रहे हैं। दोनों कार्यक्रमों में प्रीतिभोज कार्य्रकम की व्यवस्था कर रहे हैं जिसमें तमाम लोगों के निमंत्रण की व्यवस्था की गई है। जिसके लिए उन्होंने गेस्ट हाउस हलवाई आदि से लेकर सामाग्री की व्यवस्था कर ली है। खाना बनवाने के लिए खर्च होने वाले गैस के सिलेंडर के लिए भी बुकिंग करा ली थी लेकिन अचानक से उन्हें अब गैस सिलेंडरों के मिलने में समस्या आ गयी है।

गौरतलब है कि भारत में ज्यादातर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस पश्चिम एशियाई देशों से ही आती है। वहां के युद्ध जैसे हालात होने से समस्या हो गयी है।

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