प्रयागराज , जनवरी 09 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम की रेती पर माघ मेला के दौरान इटली से आयी 22 साल की लुक्रेशिया दिन-भर भजन-कीर्तन करती हैं। भारतीय संस्कृति में रमी लुक्रेशिया का कहना है कि महाकुंभ ने उनकी जिंदगी ही बदल दी है। श्रद्धा और आस्था का सैलाब उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। सनातन की शक्ति को समझकर उन्होंने इसे अपनाने का फैसला किया।
विदेशी होकर भी भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से गहरा जुड़ाव और सबका ध्यान खींच रहा है। लुक्रेशिया सनातन धर्म अपना चुकी हैं। अपने गुरु मनमौजी राम पुरी से दीक्षा भी ले चुकी हैं। लुक्रेशिया महाकुंभ के दौरान भी प्रयागराज आई थीं। संगम लोअर मार्ग स्थित नेमिषारण्य आश्रम में रह रहीं लुक्रेशिया 'जय सियाराम', 'जय सीताराम' और 'हर हर महादेव' के जयकारों के साथ मंत्रोच्चार सीख रही हैं।
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