यरूशलम , अक्टूबर 28 -- इज़रायल को गाजा में बंधक बनाये गये एक और व्यक्ति का शव मिला है। इसे रेड क्रॉस के माध्यम से ताबूत में भेजा गया है और हमास का कहना है कि इसमें गाज़ा में बंधक बनाये गये व्यक्ति का शव है।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार इज़रायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा कि उसके सैनिक गाज़ा से ताबूत को वापस इज़रायल लाये हैं जहाँ अवशेषों की पहचान के लिए फोरेंसिक जाँच की जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार अगर यह पुष्टि हो जाती है कि ये शव किसी बंधक का हैं, तो हमास अपने पास रखे 28 मृत इज़रायली और विदेशियों में से 16 के अवशेष वापस कर देगा।

उधर इस मामले में हो रही देरी को लेकर इज़रायल ने हमास पर सभी बंधकों के शव को वापस नहीं करने पर अमेरिका, मिस्र, कतर और तुर्की द्वारा मध्यस्थता किए गए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

फ़िलिस्तीनी सशस्त्र समूह का कहना है कि वह इस समझौते के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन उसे युद्ध के मलबे में दबे अवशेषों को खोजने के लिए मदद की ज़रूरत है। इज़रायल सरकार की प्रवक्ता शोश बेड्रोसियन ने सोमवार दोपहर एक ब्रीफिंग में बताया, "रेड क्रॉस, मिस्र की तकनीकी टीम और हमास के एक व्यक्ति को आईडीएफ की कड़ी निगरानी में गाजा में आईडीएफ की येलो लाइन स्थिति से आगे जाने की अनुमति दी गई है।"उन्होंने यह भी कहा कि मिस्रवासी "ट्रैक्टर-प्रकार के वाहनों" सहित और भी उपकरण लाएँगे। उन्होंने रविवार को कहा था कि वे तलाशी के लिए दो से तीन उत्खनन मशीनों और इतनी ही संख्या में ट्रकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार 10 अक्टूबर को युद्धविराम लागू होने के तुरंत बाद सभी 20 जीवित इज़राइली बंधकों को 250 फ़िलिस्तीनी कैदियों और गाज़ा के 1,718 बंदियों के बदले रिहा कर दिया गया।

इज़रायल ने हमास द्वारा पहले लौटाए गए 13 इज़रायली बंधकों के शवों के बदले 195 फ़िलिस्तीनियों के शव भी सौंप दिए थे। इसके साथ ही दो विदेशी बंधकों के भी शव सौंप दिए थे जिनमें से एक थाई और दूसरा नेपाली था। गाज़ा में अभी भी 11 इज़रायली, एक तंजानियाई और एक थाई बंधक का शव है ।

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