तेहरान/बगदाद/बीजिंग , मार्च 17 -- ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी के मारे जाने की अपुष्ट खबरों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है, जहां एक ओर इजरायल ने उन्हें हमले में मार गिराने का दावा किया है, वहीं ईरान की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है।

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज और राष्ट्रीय मीडिया ने मंगलवार को दावा किया कि हवाई हमलों में श्री लारिजानी और नागरिक सेना 'बासिज' के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी मारे गये हैं। रक्षा मंत्री के दावों के बाद स्थिति और उलझ गयी, जबकि ईरानी पक्ष ने सीधे प्रतिक्रिया नहीं दी।

इन अटकलों के बीच श्री लारिजानी के एक्स अकाउंट पर एक बयान जारी किया गया, जिसमें उन्होंने आईरिस डेना पर हुए हमले में मारे गये नाविकों को श्रद्धांजलि दी।

इस बीच, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर क़ालिबाफ़ ने कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई से ईरान के हथियार ठिकानों को नष्ट नहीं कर सकता और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था भविष्य में इस्लामी देशों के नेतृत्व में विकसित होगी।

होर्मुज में ईरान की नाकाबंदी का तोड़ निकालने के लिए अमेरिका यहां वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक सुरक्षा अभियान पर विचार कर रहा है, हालांकि इसे महंगा और जोखिमपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मार्ग को फिर से खोलने के लिए नौसैनिक सुरक्षा की संभावना जतायी है और चीन, जापान तथा दक्षिण कोरिया जैसे देशों से सहयोग की अपील की है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि योजना पर विचार जारी है, लेकिन इसे तत्काल लागू नहीं किया जाएगा।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 'मोज़ेक रक्षा' रणनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश किसी भी हमले के बावजूद अपनी सैन्य और नेतृत्व संरचना को बनाए रखने में सक्षम है और युद्ध के अंत का निर्णय स्वयं करेगा।

इसी बीच इराक में बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास सहित कई ठिकानों पर ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिन्हें इराकी सुरक्षा बलों ने काफी हद तक विफल कर दिया।

सीएनएन के अनुसार दूतावास परिसर से हवाई रक्षा प्रणालियों ने एक प्रक्षेप्य को बीच में ही रोक दिया, जिससे संभावित नुकसान टल गया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इराक में अमेरिकी दूतावास, एक होटल और दक्षिण के एक तेल क्षेत्र सहित कई स्थानों को ड्रोन हमलों की शृंखला में निशाना बनाया गया।

वहीं, चीन ने क्षेत्र में बढ़ते मानवीय संकट को देखते हुए ईरान, जॉर्डन, लेबनान और इराक को आपातकालीन सहायता देने की घोषणा की है और तत्काल युद्धविराम की अपील दोहराई है।

उधर, बढ़ते हुए तनाव के बीच ईरान में पारंपरिक 'चहारशंबे सूरी' उत्सव पर भी इस वर्ष रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लोगों को सार्वजनिक रूप से एकत्र होने से मना किया है, जबकि विपक्षी समूह इसे असंतोष दबाने का प्रयास बता रहे हैं।

'चहारशंबे सूरी' पर्व फारसी कैलेंडर के अंतिम मंगलवार की रात को मनाया जाने वाला एक प्राचीन उत्सव है। इसमें लोग अलाव जलाकर उसके ऊपर से गुजरते हैं और कूदते हैं, जिसे शुद्धि और नवीनीकरण का प्रतीक माना जाता है। आधुनिक समय में यह उत्सव आतिशबाजी और दावतों के रूप में तब्दील हो गया है, जो वसंत के आगमन और नौरोज़ की खुशी का संकेत देता है।

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