वाशिंगटन/तेहरान , अप्रैल 17 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों का संघर्ष विराम समझौता हो गया है। यह संघर्ष विराम भारतीय समयानुसार शुक्रवार को सुबह 3.30 बजे से लागू हो गया। यह समझौता वाशिंगटन में हुई मध्यस्थता के बाद हुआ है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है।
यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता से हुआ, जिन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ आउन के साथ बातचीत की थी।
श्री ट्रम्प ने इसे एक 'सांस लेने की जगह' बताया, जिसका उद्देश्य एक स्थायी शांति समझौते के लिए स्थितियां बनाना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अब तक वैश्विक स्तर पर नौ संघर्षों को सुलझाया है और इसका श्रेय खुद को दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "दोनों पक्ष शांति देखना चाहते हैं और मुझे विश्वास है कि ऐसा होगा और वह भी बहुत जल्द।"संघर्ष विराम की शर्तों के तहत इजरायल और लेबनान दोनों ने आक्रामक सैन्य अभियानों को रोकने पर सहमति जताई है। इस बीच लेबनान ने हिज्बुल्ला को इजरायली क्षेत्र पर हमले करने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई है। इजरायली सेना हालांकि संघर्ष विराम की पूरी अवधि के दौरान दक्षिणी लेबनान में दस किलोमीटर के सुरक्षा क्षेत्र में तैनात रहेगी।
हिज्बुल्ला ने कहा कि वह संघर्ष विराम का सावधानी से पालन करेगा, बशर्ते इजराइली हमले पूरी तरह से बंद हो जाएं। लेकिन लेबनानी सेना ने बताया कि संघर्ष विराम लागू होने के कुछ ही घंटों के भीतर दक्षिणी गांवों में इजरायली सेना द्वारा कई बार आक्रामकता दिखाई गई और गोलाबारी की गयी।
दूसरी ओर इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने कहा कि उन्होंने संघर्ष विराम लागू होने से ठीक चौबीस घंटे पहले तक लेबनान में हिज्बुल्ला के 380 से अधिक ठिकानों पर हमले किए थे। अभियानों की यह तीव्रता इस बात को रेखांकित करती है कि लड़ाई पूरे जोर-शोर से चल रही थी।
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