, Feb. 28 -- तेहरान, 28 फरवरी (वार्ता/शिन्हुआ) ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि देश की जनता और सशस्त्र बल तथाकथित "आक्रांताओं" को "निर्णायक" जवाब देंगे और उन्हें अपने "आपराधिक" कृत्यों पर पछतावा होगा।
मंत्रालय ने सरकारी समाचार एजेंसी इरना द्वारा जारी बयान में कहा, "ईरान एक बार फिर अमेरिका और इजरायल की सैन्य आक्रामकता का शिकार हुआ है।" बयान में आरोप लगाया गया कि अमेरिकी और इजरायली बलों ने कई ईरानी शहरों में रक्षा अवसंरचना और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया, जो ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन है।
मंत्रालय ने उस समय "बार-बार की सैन्य आक्रामकता" की आलोचना की, जब ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक प्रक्रिया जारी थी। उसने कहा कि ईरान ने संभावित हमलों की आशंका के बावजूद अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता में भाग लिया, ताकि अपनी वैधता और आक्रांताओं द्वारा पेश किये गये किसी भी बहाने की अवैधता को प्रदर्शित किया जा सके।
बयान में कहा गया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों का जवाब देना ईरान का वैध अधिकार है। विदेश मंत्रालय ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का "स्पष्ट उल्लंघन" करार दिया। बयान में कहा गया कि ईरानी बल "अपराधी आक्रामकता का मुकाबला करने और दुश्मन की दुर्भावना को विफल करने" के लिए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करेंगे।
मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया और सभी सदस्य देशों से हमलों की निंदा करने तथा सामूहिक कदम उठाने की अपील की।
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