जगदलपुर, दिसंबर 02 -- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बोधघाट जल परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने आज हजारों की संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया और चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

इस आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन सहित कई सामाजिक संगठनों ने समर्थन दिया। प्रदर्शन के दौरान इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति की ओर से कलेक्टर को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।

ग्रामीणों ने मक्का फसल की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 प्रति क्विंटल तय करने, 60 वर्ष से अधिक आयु के पंजीकृत किसानों को पेंशन एवं दो लाख की बीमा राशि देने, खाद-दवाइयों पर सेवा एवं वस्तु कर (जीएसटी) समाप्त करने की मांग की। साथ ही बोधघाट जल परियोजना को निरस्त करने, वनोपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने, इंद्रावती नदी पर बने डैम खोलने से पहले किसानों को सूचना देने और सभी जर्जर डैम व तटबंधों की तत्काल मरम्मत कराने की बात कही।

ज्ञापन में किसानों के नाम से बैंकों में एजेंटों द्वारा लिए गए फर्जी ऋण की जांच की जाए, आदिवासी भूमि संरक्षण हेतु भूमाफिया नियंत्रण कानून बनाया जाए, वन अधिकार पत्र धारकों के लिए केसीसी एवं धान खरीदी बहाल की जाए, और खरीफ 2025 के पंजीयन व रकबा संशोधन की प्रक्रिया शुरू किए जाने की मांग की गयी।

साथ ही कोंडागांव जिले की तर्ज पर बस्तर में भी मक्का 2400 प्रति क्विंटल की दर पर तत्काल खरीदी शुरू करने की मांग उठाई गई है, ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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