इंदौर , नवंबर 06 -- मध्यप्रदेश में इंदौर-दाहोद रेल परियोजना को प्रधानमंत्री की पोर्टल सैनिक परियोजना सूची में शामिल किए जाने के बाद अब कार्य में तेजी आ गई है। इसी क्रम में धार से गुणावद तक 18 किलोमीटर हिस्से में दिसंबर तक रेल पटरी बिछाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस समय धार रेलवे स्टेशन से लेकर बीच के हिस्से में पटरी बिछाने का कार्य नई तकनीक के उपयोग से तेजी से किया जा रहा है।
सामान्यतः यह कार्य इंजन के पीछे लगने वाली बड़ी मशीन से किया जाता है, लेकिन यहाँ एक ट्रक को संशोधित कर अस्थायी ट्रैकिंग सिस्टम तैयार किया गया है। यद्यपि इस कारण कार्य की रफ्तार कुछ धीमी है, फिर भी रेलवे विभाग को विश्वास है कि दिसंबर तक यह पूरा खंड तैयार हो जाएगा।
सागौर से लेकर धार तक करीब 50 किलोमीटर क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक (सब-बेस) कार्य पूरे किए जा रहे हैं। अब स्लीपर बिछाकर उस पर रेल पटरी लगाने का कार्य चल रहा है। रेलवे विभाग का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक धार से सागौर के बीच इंजन ट्रायल रन शुरू कर दिया जाए, जिससे पूरे ट्रैक की तकनीकी स्थिति स्पष्ट हो सके।
इंजीनियरों के अनुसार, धार-गुणावद खंड छोटा होने के कारण बड़ी मशीनों का उपयोग संभव नहीं है। इसलिए एक ट्रक को मॉडिफाई कर उस पर वेल्डिंग और रेल ट्रैक बिछाने की व्यवस्था की गई है। यह पूरा सिस्टम स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया है ताकि सीमित स्थान में भी कार्य सुचारू रूप से चल सके।
रेलवे के इंजीनियर रानु जैन ने बताया कि सागर से धार के बीच जहाँ पहले स्लीपर और पुरानी पटरी रखी गई थी, वहाँ अब स्थायी नई पटरी वेल्डिंग के साथ लगाई जा रही है। पहले पुरानी पटरी इसलिए लगाई गई थी ताकि भूमि का बेस गर्मी, बारिश और सर्दी के मौसम के बाद स्थिर हो जाए। अब भूमि पूरी तरह सेट हो चुकी है, इसलिए स्थायी ट्रैक बिछाने का काम तेजी से चल रहा है।
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