नयी दिल्ली , नवंबर 04 -- निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगो को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 2,582 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

तिमाही के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये में रही गिरावट से कंपनी को विदेशी मुद्रा विनिमय में सबसे अधिक 2,892 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ जो नुकसान का कारण बना।

पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एयरलाइंस को 986.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

कंपनी ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि तिमाही के दौरान उसका कुल राजस्व 10.4 प्रतिशत बढ़कर 19,600 करोड़ रुपये रहा। वहीं, उसका कुल व्यय 18.3 प्रतिशत बढ़कर 22,081 करोड़ रुपये रहा।

एयरलाइंस का उपलब्ध सीट किलोमीटर 7.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 41.2 रहा। प्रति उपलब्ध सीट किलोमीटर राजस्व 2.3 प्रतिशत बढ़कर 4.55 रुपये रहा।

कंपनी ने बताया कि कुल राजस्व में परिचालन से प्राप्त आय में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 18,555 करोड़ रुपये रही। अन्य आय 32.3 फीसदी बढ़कर 1,044 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी।

विमान ईंधन के मद में खर्च 9.7 प्रतिशत घटकर 5,962 करोड़ रुपये रहा।

इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एलबर्स ने एक बयान में कहा, " क्षमता का समुचित तरीके से इस्तेमाल करने से हमारा कुल राजस्व 10 प्रतिशत बढ़ा है। मुद्रा विनिमय को छोड़ दिया जाये तो हमने 104 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ कमाया है जबकि पिछले साल हमें नुकसान हुआ था।"उन्होंने कहा कि देश का विमानन सेक्टर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने ऑफ-सीजन के दौरान मुनाफा बनाये रखने के लिए क्षमता के समुचित इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि तिमाही के दौरान परिचालन प्रदर्शन अच्छा रहा। समय पर उड़ान भरने, नेटवर्क विस्तार और ग्राहकों की प्रशंसा बटोरने में एयरलाइंस अग्रणी रही।

श्री एलबर्स ने कहा कि साल की शुरुआत उद्योग के समक्ष वैश्विक चुनौतियों के साथ हुई थी, लेकिन जुलाई में स्थिति में सुधार हुआ और अगस्त तथा सितंबर में मजबूत वापसी हुई।

तिमाही की समाप्ति पर कंपनी के पास 53,515 करोड़ रुपये की नकदी थी। वहीं, पूंजीगत परिचालन लीज की देनदारी 49,651 करोड़ रुपये थी। कंपनी की कुल देनदारी 74,814 करोड़ रुपये थी।

गत 30 सितंबर को कंपनी के बेड़े में 417 विमान थे औ एयरलाइंस ने तिमाही के दौरान एक दिन में सबसे अधिक 2,244 उड़ानों का परिचालन किया।

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