नयी दिल्ली , दिसंबर 30 -- निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगो को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने 458.26 करोड़ रुपये से अधिक के लिए दो अलग-अलग नोटिस जारी किये हैं।

दिसंबर के पहले सप्ताह में बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने के बाद कंपनी को जीएसटी विभाग से अब तक तीन नोटिस मिल चुके हैं।

एयरलाइंस ने मंगलवार को शेयर बाजार को बताया कि उसे दक्षिणी दिल्ली कमीश्नरेट में केंद्रीय जीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त से 29 दिसंबर को यह नोटिस प्राप्त हुआ है। इसमें 4,58,26,16,980 रुपये का जीएसटी, ब्याज और जुर्माना भरने के लिए कहा गया है। यह मांग वित्त वर्ष 2018-19 से 2022-23 की अवधि के लिए है। जीएसटी विभाग ने इस नोटिस में विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त मुआवजे पर जीएसटी के साथ ब्याज और जुर्माने की मांग की है। साथ ही कंपनी द्वारा लिये गये इनपुट टैक्स क्रेडिट को भी अवैध बताया गया है।

एयरलाइंस ने पुख्ता विश्वास जताया है कि जीएसटी विभाग द्वारा जारी आदेश "त्रुटिपूर्ण और कानून के खिलाफ" है। उसने कहा है कि वह इसे चुनौती देगी और समुचित वैधानिक उपाय करेगी। कंपनी ने बताया है कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए इसी तरह के एक नोटिस के खिलाफ उसने अपील की है।

दूसरा नोटिस लखनऊ के संयुक्त आयुक्त कार्यालय ने भेजा है। इसमें 14,59,527 रुपये जमा कराने का आदेश दिया गया है। नोटिस 29 दिसंबर को मिला था। इसमें वित्त वर्ष 2021 एयरलाइन द्वारा लिए गये इनपुट टैक्स क्रेडिट को अवैध करार देते हुए वह राशि, उस पर ब्याज और जुर्माने की मांग की गयी है। कंपनी ने कहा है कि वह इस आदेश के खिलाफ भी अपील करेगी।

इससे पहले, दक्षिणी दिल्ली कमीश्नरेट की तरफ से ही कंपनी को 11 दिसंबर को 58.75 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का नोटिस दिया गया था। नोटिस में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए एयरलाइंस से 58 करोड़ 74 लाख 99 हजार 439 रुपये का जुर्माना भरने के लिए कहा गया था।

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