नयी दिल्ली , दिसंबर 10 -- इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के बाद अपने पहले बयान में जानबूझकर यह संकट पैदा करने के आरोपों को खारिज किया है और जांच में बाहरी विशेषज्ञों को शामिल करने की बात कही है।

श्री मेहता ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर यात्रियों को हुई परेशानी के लिए माफी मांगी और कहा, "हम आपको आश्वस्त करते हैं कि हम इसके सभी पहलुओं की जांच करेंगे और इससे सबक लेंगे।"उन्होंने बताया कि निदेशक मंडल ने जांच में बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने का फैसला किया है ताकि इस संकट के मूल कारणों का पता लगाया जा सके और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके जिससे भविष्य में इस स्तर का व्यवधान दोबारा न हो।

उन्होंने कहा कि इस दौरान इंडिगो पर कई गलत आरोप लगाये गये हैं, जैसे - जानबूझकर यह स्थिति पैदा करना, सरकारी नियमों को प्रभावित करने की कोशिश, सुरक्षा के साथ समझौता और सारे मामले में निदेशकमंडल को अंधेरे में रखना।

जानबूझकर संकट पैदा करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "पायलट की थकान से संबंधित कानून जबसे लागू हुआ इंडिगो ने उसका पालन किया। हमने जुलाई और नवंबर में भी नये नियमों के तहत उड़ानों का संचालन किया। हमने उनकी अवहेलना की कोशिश नहीं की।"श्री मेहता ने कहा कि पिछले सप्ताह के व्यवधान किसी जानबूझकर किये गये किसी कार्य का नतीजा नहीं थे। वे अनचाहे आंतरिक और कुछ बाहरी कारकों का नतीजा थे। इनमें छोटी तकनीकी समस्याएं, शिड्यूल में बदलाव, खराब मौसम, विमानन क्षेत्र पर भारी बोझ और नये रोस्टरिंग नियम के तहत परिचालन शामिल हैं। इन सभी कारकों से सम्मिलित असर ने एयरलाइंस के सिस्टम पर हद से अधिक बोझ डाल दिया।

उल्लेखनीय है कि इंडिगो ने दिसंबर में हजारों उड़ानें रद्द की हैं। हालांकि अब उसका परिचालन सामान्य हो रहा है और बुधवार को उसने 1,900 से अधिक उड़ानों का परिचालन किया है।

वहीं, सरकार ने उसे विंटर शिड्यूल की उड़ानों में 10 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया है।

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