नयी दिल्ली , दिसंबर 06 -- निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगो की शनिवार को देशभर में 800 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

एयरलाइंस ने आज एक मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि शनिवार को रद्द उड़ानों की संख्या घटकर 850 से कम रह गयी है। उसने कहा है कि आने वाले दिनों में इस संख्या को और कम करने तथा परिचालन सामान्य करने के लिए वह प्रयासरत है।

उल्लेखनीय है कि गत 01 नवंबर को फ्लाइट ड्यूटी संबंधी नये नियम लागू होने के बाद पायलट की कमी के कारण उत्पन्न यह संकट दिसंबर आते-आते काफी गहरा गया। एयरलाइंस ने उड़ानों में लगातार बढ़ती देरी के बाद सैकड़ों की संख्या में उड़ानें रद्द करने का फैसला किया।

तीन दिन में दो हजार से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। गत 04 दिसंबर में करीब 400, 05 दिसंबर को 1,000 से अधिक और 06 दिसंबर को 800 से ज्यादा उड़ानें रद्द रही हैं। आज दिल्ली में कम से कम 106, मुंबई में 109, चेन्नई में 50 से अधिक, अहमदाबाद में 62 और जयपुर में 25 उड़ानें रद्द हुई हैं। अन्य शहरों से भी उड़ानें रद्द होने की खबरें हैं।

इस बीच, इंडिगो संकट के कारण आसमान छूते हवाई किराये और यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने दूरी के हिसाब से अधिकतम किराया तय कर दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि 500 किलोमीटर तक की दूरी तक के लिए अधिकतम किराया 7,500 रुपये होगा। वहीं, 500 किमी से 1,000 किमी तक की दूरी के लिए किराये की सीमा 12,000 रुपये तय की गयी है। एयरलाइंस 1,000 किमी से 1,500 किमी के लिए 15,000 रुपये से ज्यादा नहीं ले सकेंगी। वहीं, 1,500 किमी से ज्यादा की सभी दूरी के लिए अधिकतम किराया 18,000 रुपये तय किया गया है।

मंत्रालय ने कहा है कि अधिकतम किराया सीमा में यूजर डेवलपमेंट फी, यात्री सेवा शुल्क और कर शामिल नहीं हैं। साथ ही, बिजनेस श्रेणी की सीटों और उड़ान योजना के तहत आरक्षित सीटों पर यह सीमा लागू नहीं होगी। उसने कहा है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और स्थिति सामान्य होने तक लागू रहेगी।

मंत्रालय ने इंडिगो से कहा है कि वह बिना किसी देरी के सभी प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड दे। रद्द या प्रभावित उड़ानों के मामले में रिफंड का काम रविवार 07 दिसंबर 2025 को रात आठ बजे तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, इंडिगो संकट के प्रभावित यात्री अगर अपनी यात्रा की तारीख या समय में बदलाव करते हैं तो उनसे कोई रिशिड्यूलिंग चार्ज न लेने की सलाह दी गयी है।

एयरलाइंस से कहा गया है कि जिन यात्रियों ने बैगेज चेक-इन करा लिया था उसके बाद उनकी उड़ान रद्द हो गयी या उसमें देरी हुई, उनके बैगेज यात्री के घर पर या उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये पते पर भिजवा दिये जाएं।

इससे पहले, शुक्रवार को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अपना वह आदेश वापस ले लिया था जिसमें हर सप्ताह पायलट के 48 घंटे की अनिवार्य विश्राम की अवधि को साप्ताहिक अवकाश से मिलाने की मनाही की गयी थी। साथ ही उसने इंडिगो को नाइट ड्यूटी संबंधी नियमों में भी 10 फरवरी तक कुछ रियायत दी है।

इंडिगो ने बताया है कि वह 10-15 दिसंबर के बीच परिचालन सामान्य होने की उम्मीद कर रही है।

सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए डीजीसीए के एक संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति इंडिगो संकट के कारणों की जांच करेगी और भविष्य ऐसी स्थिति से बचने के उपाय सुझायेगी।

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