नयी दिल्ली , दिसंबर 08 -- निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने सोमवार को 1,802 उड़ानों के परिचालन की योजना बनायी है।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने आज राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एयरलाइंस की योजना सोमवार को 1,802 उड़ानों के परिचालन की है जबकि 500 उड़ानें रद्द रहेंगी।
उल्लेखनीय है कि इंडिगो ने 04 दिसंबर को शिड्यूल के अनुपालन में गंभीर समस्या की जानकारी दी थी और करीब 400 उड़ानें रद्द कर दी थी। अगले दिन 05 दिसंबर को देश के विमानन इतिहास में हवाई अड्डों पर सबसे बुरा हाल देखा गया। इंडिगो ने महज 706 उड़ानों का परिचालन किया और 1,500 के करीब घरेलू उड़ानें रद्द रहीं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और हवाई अड्डों पर बुरा हाल रहा।
इंडिगो से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 06 दिसंबर को उसने 1,565 उड़ानों का परिचालन किया था जबकि 850 के करीब रद्द रही थीं। रविवार 07 दिसंबर को उसने 1,650 के करीब उड़ानों का परिचालन किया और 750 के करीब रद्द रहीं।
इंडिगो ने इस पूरे संकट के लिए फ्लाइट ड्यूटी संबंधी नियमों में 01 नवंबर से लागू बदलावों को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि वह इसके अनुरूप पायलटों की जरूरत का आंकलन करने तथा रोस्टर प्रंबंधन में विफल रही है।
इसके बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बदलावों में पायलट के विश्राम संबंधी नये नियम को सभी एयरलाइंस के लिए वापस ले लिया जबकि नाइट ड्यूटी से संबंधित नियमों में इंडिगो को 10 फरवरी 2026 तक के लिए छूट दी गयी है। नियामक ने इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
वहीं, सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एक चार सदस्यीय समिति का भी गठन किया है।
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