नयी दिल्ली , जनवरी 22 -- निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगो का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 777.6 प्रतिशत घटकर 549.1 करोड़ रुपये रह गया।

पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 2,448.8 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था।

कंपनी ने गुरुवार को घोषित वित्तीय परिणामों में बताया कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आमदनी 6.7 प्रतिशत बढ़कर 24,540.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। वहीं, कुल व्यय में 9.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 22,431.9 करोड़ रुपये रहा।

इंडिगो ने शेयर बाजार को बताया है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में परिचालन व्यवधान के कारण बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द रहने से उसे 555 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है।

उल्लेखनीय है कि इस व्यवधान का सबसे ज्यादा असर 03 से 05 दिसंबर के बीच देखा गया जब इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द रही थीं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई थी। इससे लाखों लोगों को परेशानी हुई।

इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एलबर्स ने परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "हमारे यात्रियों को हुई परेशानी के लिए हमें खेद है और उनके धैर्य तथा भरोसे के लिए हम दिल से आभार जताते हैं। परिचालन में व्यवधान के बावजूद दिसंबर में समाप्त तिमाही में इंडिगो ने 245 अरब रुपये का राजस्व कमाया है और इसमें सात प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हमने पांच अरब रुपये का मुनाफा कमाया है। तिमाही के दौरान 3.2 करोड़ यात्रियों ने हमारी उड़ानों में सफर किया।"उन्होंने कहा कि दीर्घावधि में कंपनी का आधार मजबूत है, बेड़े का विस्तार हो रहा है और घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क बढ़ रहा है।

कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान हर उपलब्ध सीट-किलोमीटर पर 5.20 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है जो एक साल पहले के मुकाबले 4.5 प्रतिशत कम है। वहीं, हर उपलब्ध सीट-किलोमीटर पर लागत भी 1.9 प्रतिशत घटकर 4.73 रुपये रह गया है।

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