राजस्थान सरकारमुख्यमंत्री जनसम्पर्क प्रकोष्ठजयपुर , अक्टूबर 30 -- राजस्थान में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि विकास के साथ-साथ विरासत के संरक्षण के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार आस्था धामों और पर्यटक स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

श्री शर्मा गुरूवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, पूंछरी का लौठा और तनोट माता मंदिर के विकास और पुनर्विकास कार्यों के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होेंने अधिकारियों को राज्य के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन धरोहर और धार्मिक पर्यटक स्थलों के विकास और पुनर्विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तय समय में पूरा करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही, ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण के लिए विशेष प्रकोष्ठ के गठन के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि आमजन को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जीवन से परिचित कराने तथा उनके शौर्य की गाथा जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित कर रही है। इस सर्किट में महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े विभिन्न स्थलों जैसे, चावंड, हल्दीघाटी, गोगुंदा, कुंभलगढ़, दिवेर, उदयपुर आदि को सम्मिलित किया गया है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

श्री शर्मा ने अधिकारियों को चावंड में महाराणा प्रताप के समाधि स्थल को सुनियोजित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यहां प्रवेश द्वार और ब्रिज के कार्याें के संबंध में विशेष निर्देश देते हुए पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने को कहा। श्री शर्मा ने हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप के स्वामीभक्त घोड़े चेतक के ऐतिहासिक एवं विशाल स्मारक की रूपरेखा के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।

उन्होंने अधिकारियों को जैसलमेर स्थित तनोट माता मन्दिर में पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए यहां श्रद्धालुओं के ठहरने की उचित व्यवस्थाएं करने के भी निर्देश दिये साथ ही मंदिर के प्रवेश द्वार और धर्मशाला के साथ ही संपर्क सड़कों के निर्माण के लिए भी विशेष निर्देश दिये।

श्री शर्मा ने पूंछरी का लौठा और गोवर्धन परिक्रमा के प्रगतिरत विकास कार्यों के संबंध में अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया में गति लाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि विभिन्न चरणों में विकसित होने वाले इस पावन धाम पर श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान की जाएं।

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