चंडीगढ़ , मई 01 -- पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने शुक्रवार को नगर निगम आयुक्तों और अतिरिक्त उपायुक्तों (जी एंड यूडी) को राज्य भर में आवारा कुत्तों की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तत्काल परिणामोन्मुख कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने इस मुद्दे को गंभीर जन सुरक्षा और जन स्वास्थ्य चिंता बताते हुए कहा कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या नागरिकों के दैनिक जीवन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि कुत्तों के काटने की घटनाएं, बच्चों और बुजुर्गों पर हमले तथा रिहायशी इलाकों में झुंडों का घूमना लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहा है।

श्री अरोड़ा ने कहा कि यह समस्या केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ा स्वास्थ्य जोखिम भी है, क्योंकि कुत्तों के काटने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूल जाने वाले बच्चों का पीछा करने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे हादसे और चोटें हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों की अनियंत्रित बढ़ोतरी का मुख्य कारण नसबंदी कार्यक्रमों की कमी और खराब कचरा प्रबंधन है, जिससे उन्हें आसानी से भोजन मिल जाता है। खुले कूड़े के ढेर और सार्वजनिक स्थानों पर फेंका गया खाद्य कचरा इस समस्या को और बढ़ा रहा है।

मंत्री ने समस्या के समाधान के लिए निर्देश दिए कि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने हेतु मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से नसबंदी कार्यक्रम तुरंत तेज किए जाएं। रेबीज और अन्य पशुजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जाए। आक्रामक या घायल जानवरों के लिए डॉग शेल्टर और होल्डिंग सुविधाएं मजबूत की जाएं। ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली सुधारी जाए और समय पर कूड़ा उठाया जाए ताकि भोजन के स्रोत खत्म हों। जिला और शहर स्तर पर निगरानी टीमें गठित कर नियमित समीक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।लोगों को आवारा जानवरों के आसपास सुरक्षित व्यवहार और जिम्मेदार कचरा निपटान के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी कदम पशु कल्याण मानकों के अनुसार उठाए जाएं, लेकिन जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।

श्री अरोड़ा ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने और ठोस परिणाम सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही स्थानीय निकायों, पशुपालन विभाग और गैर-सरकारी संगठनों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए। जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने सभी नगर निगम आयुक्तों और एडीसी (जी एंड यूडी)) को सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट उनके कार्यालय में जमा कराने को कहा। उन्होंने दोहराया कि सरकार सुरक्षित, स्वच्छ और नागरिक हितैषी शहरी वातावरण बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित