नयी दिल्ली , नवंबर 16 -- राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित सरस आजिविका मेला में उत्तराखंड के अल्मोड़ा के कापर के आइटम और हरियाणा में गुरुग्राम गोंद के लड्डू लोगों को खासे आकर्षित कर रहे हैं।केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित सरस आजीविका मेला 2025 में ग्रामीण भारत की शिल्पकलाओं को प्रदर्शित किया गया है। सरस मेले में उत्तराखंड के अल्मोरा जिले की जागेश्वरधाम गांव से आई जय मां कालिका स्वयं सहायता समूह की हर्षिता सोयाल बिष्ट ने रविवार को बताया कि सरस मेले में वह उत्तराखंड की लोककला एपन से बने सामानों में लक्ष्मी चौकी, सरस्वती चौकी समेत नौ देवियों को समर्पित नौ चौकी, पारंपरिक आभूषण में नथ, मांग टीका, गुलबंद, हाथ में पहनने वाले पौंची, सौभाग्य की चुनरी, रिंगाल से बने हुए चटाई, रोटी रखने वाले डब्बे, पेन स्टैंड, मूज की चटाई, मूज की रोटी बॉक्स, फ्लावर पॉट, लकड़ी के बने हुए मिनेचर, क्रॉचेट के खिलौने आदि सामान लेकर आई हैं। इसके साथ ही वो बताती हैं कि बीट्स के बने नजर बट्टू, हैंप के बने हुए पर्स, रस्सियों के बने पर्स, जूट के पर्स आदि लेकर आई हुई हैं। वहीं, उन्होंने बताया कि अल्मोरा के फेमस कॉपर (तांबा) के बने हुए कलश, पंच पात्र, लोटे, गगड़ी समेत तमाम आइटम लेकर दिल्ली आई हुई हैं। इनमें कुछ सामान ऐसे भी हैं जो कि दिल्ली में बहुत दुर्लभ ही मिलता है। उन्होंने बताया कि उनके स्टॉल पर जमकर खरीदारी हो रही है। उनके स्टॉल पर बीस रुपये से लेकर नौ हजार तक के सामान उपलब्ध हैं।
वहीं, हरियाणा के गुरुग्राम के शिल्पकार ने बताया कि वह पहल महिला समूह की पूणम शर्मा बाजड़े की खिचड़ी, बाजरे का आटा, ज्वार का लड्डू, बाजरे की लड्डू, रागी लड्डू, गोंद लड्डू, मेथी लड्डू, तिल का लड्डू व अन्य प्रकार के लड्डू लेकर आई हुई हैं। इसके साथ ही उनके स्टॉल पर रागी के नमकीन, बाजरे की नमकीन, ज्वार नमकीन, सोया नमकीन, मक्का नमकीन समेत बीटरूट चिप्स, पालक पुदीना चिप्स के साथ साथ बाजरे, ज्वार और रागी के कुकीज लेकर आई हुई हैं। उनके स्टॉल पर सौ रुपये से लेकर पंद्रह सौ रुपये तक के मिलेट आइटम उपलब्ध हैं।
इस मेला में 31 राज्यों की 300 से अधिक महिला शिल्प कलाकार 150 से अधिक स्टॉलों पर अपनी-अपनी उत्कृष्ट कलाकृतियों को प्रदर्शित कर रही हैं।
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