भानुप्रतापपुर/कांकेर, नवंबर 12 -- छत्तीसगढ़ में आरी डोंगरी गोदावरी माइंस के विस्तार के विरोध में शुरू हुए ग्रामीणों का चक्का जाम आंदोलन के 24 घंटे बाद बुधवार को समाप्त हुआ।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के साथ हुई बैठक के बाद छह सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद जाम हटाने का निर्णय लिया है।

ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह 11 बजे से भानुप्रतापपुर-दल्लीराजहरा मार्ग पर चक्का जाम शुरू किया था, जिससे यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था और ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं थीं। प्रदर्शन का कारण गोदावरी इस्पात की प्रस्तावित जनसुनवाई थी। जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

प्रशासनिक अधिकारियों एवं ग्रामीणों के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद छह मांगों पर सहमति बनी। इनमें जनसुनवाई में स्थानीय लोगों की राय को प्राथमिकता, पर्यावरण सुरक्षा, स्थानीय युवाओं को रोजगार, विस्थापन नीति का पालन और खदान संचालन से जुड़ी शर्तें शामिल हैं। प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर प्रभावित गांवों की सूची और पिछले 16 सालों में सीएसआर व डीएमएफ मद से हुए कार्यों का विवरण देने का भी वचन दिया।

आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने कड़ाके की ठंड में पूरी रात सड़क पर बिताई और भोजन भी प्रदर्शन स्थल पर ही बनाकर खाया। आदिवासी नेता संजू नेताम ने प्रशासन पर दबाव बनाने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया।

इस दौरान एसडीएम गंगाधर वाहिले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीमाली समेत अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

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