मुंबई , जनवरी 27 -- रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास आठवले ने पुणे नगर निगम (पीएमसी) में उपमहापौर पद की मांग की है।
श्री आठवले ने मंगलवार को कहा कि पार्टी के राज्य सचिव बाला साहेब जनराव के ख़िलाफ कार्रवाई के बारे में कुछ अखबारों में छपी रिपोर्टें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जायेगी। बालासाहेब जनराव पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पार्टी फंड में हेराफेरी और तानाशाही का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि श्री जनराव ने पार्टी के नाम पर जमा किये गये फंड का हिसाब स्पष्ट नहीं रखा और उसका निजी या अनधिकृत कार्यों के लिए इस्तेमाल किया। इसके अलावा पदों की बिक्री का भी आरोप लगाया था।
श्री आठवले ने पुणे शहर आरपीआई अध्यक्ष संजय सोनावणे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में कही। प्रतिनिधिमंडल में श्री जनराव, पुणे शहर के महासचिव महिपाल वाघमारे, श्याम सदाफुले और पूर्व पार्षद जयदेव रंधावे शामिल थे। उन्होंने कहा कि पीएमसी चुनावों में पार्टी के पाँच पार्षद चुने गये हैं, जबकि एक उम्मीदवार को महज 138 मतों से हार मिली और दो अन्य दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने इस प्रदर्शन को पार्टी के लिए उल्लेखनीय करार दिया। पिछले कार्यकाल को याद करते हुए श्री आठवले ने कहा कि आरपीआई को फिर उपमहापौर का पद मिलना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने इस मामले पर राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री और भाजपा के वरीय नेता चंद्रकांत पाटिल से फोन पर बात की है। श्री पाटिल और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दोनों ने भरोसा जताया है कि उचित चर्चा के बाद सकारात्मक फैसला लिया जायेगा।
इस बीच श्री आठवले ने कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं के जनराव पर लगाये गये 'झूठे आरोपों' पर कड़ी नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि श्री जनराव पार्टी के वरिष्ठ और वफादार कार्यकर्ता हैं और दोहराया कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी। उन्हाेंने पार्टी सदस्यों से अनुशासन बनाये रखने और साथी कार्यकर्ताओं को बदनाम करने से बचने की भी अपील की।
इस मौके पर श्री जनराव ने कहा कि आठवले के भरोसे की वजह से ही पार्टी समर्पण के साथ काम कर पायी और पीएमसी में पार्षदों को जिता पायी। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी को दूसरी जरूरी जिम्मेदारियों के साथ-साथ उपमहापौर का पद भी दिलाने की कोशिश जारी रहेगी।
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