भोपाल , जनवरी 09 -- मध्यप्रदेश में संचालित रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत विद्युत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य दिसंबर 2025 तक पूर्ण कर लिए गए हैं। योजना के माध्यम से उपभोक्ता हित में व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए गए हैं।
आरडीएसएस के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 228 नवीन 33/11 केवी उपकेन्द्रों की स्थापना की गई है। इसके साथ ही 15,336 किलोमीटर 33 केवी लाइनों तथा 20,019 किलोमीटर नई 11 केवी लाइनों का निर्माण पूर्ण किया गया है। योजना के तहत 358 नए कृषि फीडरों का विभक्तिकरण, 1,848 कैपेसिटर बैंकों की स्थापना एवं 19,365 नवीन वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना भी की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि आरडीएसएस भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य विद्युत वितरण क्षेत्र में सुधार लाना है। इसके तहत डिस्कॉम्स को परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिरता बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
योजना में स्मार्ट मीटरिंग को भी शामिल किया गया है। अब तक 55 लाख स्मार्ट मीटरों की स्थापना के लिए कार्यादेश जारी किए गए हैं, जिनमें से लगभग 29 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। मध्यप्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा देने के लिए निम्नदाब उपभोक्ताओं को दिन के समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
आरडीएसएस योजना का मुख्य उद्देश्य डिस्कॉम्स की परिचालन दक्षता और वित्तीय स्थिति में सुधार करना है। इसके तहत अखिल भारतीय स्तर पर एटी एंड सी हानियों को 12 से 15 प्रतिशत तक लाना तथा आपूर्ति की औसत लागत और औसत राजस्व प्राप्ति के अंतर को समाप्त करना शामिल है। योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय और किफायती बिजली उपलब्ध कराने के साथ किसानों को दिन के समय निर्बाध विद्युत आपूर्ति पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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