जयपुर , जनवरी 02 -- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीए़चएस) में अनियमितता पर चार फार्मा स्टोर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है जबकि 14 कर्मियों को निलंबित किया गया है।
विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने शुक्रवार को बताया कि योजना में गैर अनुचित तरीके से लाभ लेने पर 19 कार्डधारियों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई एवं रिकवरी के लिए पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आरजीएचएस जैसी जनकल्याणकारी योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा दुरुपयोग के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति अपनाते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि भीलवाड़ा के हरिकृष्णा मेडिकल स्टोर एवं सावरिया फार्मा स्टोर द्वारा अनियमितता करने पर उनके विरुद्ध अतिरिक्त औषधि नियंत्रक द्वारा ड्रग लाइसेंस निरस्त करते हुए एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इन फार्मा स्टोर ने उन दवाओं एवं इंजेक्शन का भी आरजीएचएस योजना में विक्रय बताकर गलत तरीके से भुगतान उठाया, जो इन फार्मा स्टोर ने खरीदे ही नहीं। इन फार्मा स्टोर ने करीब 27 लाख रूपए का भुगतान बिना दवा विक्रय किए ही उठा लिया।
इसी प्रकार कॉन्फेड फार्मा स्टोर, रेन (नागौर) एवं जायल (नागौर) के विरुद्ध अनियमितताओं के मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इन फार्मा स्टोर ने आरजीएचएस पर्चियों में छेड़छाड़ कर गलत तरीके से भुगतान उठाया था। साथ ही, गंभीर अनियमितताओं के मामलों में कॉन्फेड फार्मा शॉप नं. 06, बीकानेर एवं शॉप नं. 05 हनुमानगढ़ को योजना से निलंबित किया गया है। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि पटेल ने बताया कि लाभार्थियों द्वारा कार्ड के दुरुपयोग के मामलों में 19 लाभार्थियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई एवं रिकवरी के लिए संबंधित विभागों को पत्र जारी किए गए हैं। पूर्व में ऐसे मामलों में 54 कार्मिकों को निलंबित किया जा चुका है। वर्तमान में पुलिस विभाग द्वारा चार एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा 10 कार्मिकों को और निलंबित किया गया है।
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