अहमदाबाद , फरवरी 17 -- राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) और गुजरात के कारागार एवं सुधार प्रशासन संस्थान (जीआईपीसीए) ने मंगलवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा अमृतकाल के दौरान राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय को सुधार प्रशासन में वैश्विक अग्रणी संस्थान के रूप में उभरने के लिए दिये गये निर्देश के अनुरूप, यह समझौता ज्ञापन आरआरयू के कुलपति प्रो. डॉ. बिमल एन. पटेल और गुजरात राज्य के पुलिस महानिदेशक, कारागार एवं सुधार प्रशासन एवं सीआईडी डॉ. के.एल.एन. राव, आईपीएस के नेतृत्व में हस्ताक्षरित किया गया।
यह समझौता ज्ञापन अहमदाबाद स्थित कारागार एवं सुधार प्रशासन महानिदेशक के कार्यालय में ए. जी. चौहान, आईपीएस, आईजीपी (कारागार), अहमदाबाद, जितेंद्र महिपाल यादव, एसीपी एवं प्रिंसिपल, जीआईपीसीए, तथा आरआरयू की ओर से डॉ. जसबीरकौर थडानी, डीन, विश्वविद्यालय; डॉ.नूरिन चौधरी, निदेशक, व्यवहार विज्ञान एवं फोरेंसिक जांच संकाय और डॉ. गीतेश कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, वैश्विक सुधार प्रशासनिक अध्ययन,की उपस्थिति में औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया।
सुधारात्मक उत्कृष्टता प्राप्त करने के उद्देश्य से शैक्षणिक, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों में सहयोग के लिए एक व्यापक ढांचा स्थापित करने हेतु इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। इसमें मौजूदा कार्यक्रमों को संबद्ध और मान्यता प्रदान करना, सुधारात्मक कर्मचारियों के लिए विशेष शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करना, नीतिगत सुधारों को सूचित करने के लिए प्रौद्योगिकी और नवीन पुनर्वास पर संयुक्त अनुसंधान करना और सुधारात्मक प्रथाओं में उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए सतत अधिगम हेतु सम्मेलन और कार्यशालाओं का आयोजन करना शामिल है।
उन्होंने बताया कि आरआरयू की अकादमिक और अनुसंधान संबंधी क्षमताओं को जीआईपीसीए की जमीनी विशेषज्ञता और प्रशासनिक अनुभव के साथ मिलाकर, यह साझेदारी गुजरात में सुधारात्मक व्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने और राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श बनने के लिए तैयार है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित