नयी दिल्ली , जनवरी 04 -- देश से वर्ष 2024-25 में आयुष और हर्बल उत्पादों का निर्यात 6.11 प्रतिशत बढ़कर 6.889 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।

यह जानकारी रविवार को आयुष निर्यात संवर्द्धन परिषद (आयुषएक्सिल) की चौथी स्थापना वर्षगांठ दी गयी। यह सफलता सरकार की तरफ से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों और व्यापार समझौतों में आयुष को शामिल किए जाने के कारण संभव हो सका है।

परिषद के अनुसार, 2023-24 में आयुष निर्यात 6.492 करोड़ अमेरिकी डॉलर था, जो 2024-25 में बढ़कर 6.889 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया। यह बढ़ोतरी भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों और हर्बल उत्पादों की वैश्विक मांग में लगातार हो रही बढ़ोतरी को दर्शाती है।

आयुषएक्सिल ने स्थापना के बाद से निर्यातकों की क्षमता निर्माण, निर्यात प्रक्रियाओं को आसान बनाने, नियामक अनुपालन में सहयोग देने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बी2बी बैठकें, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियां, सेमिनार और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करने पर विशेष ध्यान दिया है।

आयुष मंत्रालय के सहयोग से परिषद को आयुष क्वालिटी मार्क कार्यक्रम को लागू करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पारंपरिक चिकित्सा पर दूसरे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) शिखर सम्मेलन (17-19 दिसंबर 2025) के दौरान की गई थी। इसका उद्देश्य आयुष उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उनकी वैश्विक मान्यता को मजबूत करना है।

इसके साथ ही, भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में भी औपचारिक मान्यता मिली है। इनमें भारत-ओमान सीईपीए और भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) शामिल हैं, जिनमें पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेष प्रावधान किए गए हैं।

आयुषएक्सिल ने पांचवें वर्ष में प्रवेश करते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने, मुक्त व्यापार समझौतों के अवसरों का लाभ उठाने, गुणवत्ता और प्रमाणन ढांचे को सशक्त बनाने तथा भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

यह वर्षगांठ आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के विजन के अनुरूप, वैश्विक आयुष और वेलनेस अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।

उल्लेखनीय है कि आयुषएक्सिल को 4 जनवरी 2022 को राजधानी नई दिल्ली में सेक्शन-8 कंपनी के रूप में पंजीकृत किया गया था। इसकी औपचारिक शुरुआत 20 अप्रैल 2022 को गांधीनगर में आयोजित ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। बाद में 31 जुलाई 2023 को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) ने इसे आयुष क्षेत्र के लिए नोडल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल घोषित किया।

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