जामताड़ा , मार्च 25 -- झारखंड के जामताड़ा जिले में आयुष्मान भारत योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है।
मरीजों के इलाज के नाम पर इस योजना के तहत गड़बड़ी कर लाखों रुपए ठगी करने और झूठे मरीज और उनका पता दर्ज कर इस योजना को लूटने के प्रयास का जामताड़ा उपायुक्त रवि आनंद में आज भंडाफोड़ किया है।
जामताड़ा के श्री आनंद को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को श्री आनंद खुद टीम के साथ मिहिजाम रोड स्थित सिटी हॉस्पिटल और मंगलम नेत्रालय पहुंच गए उनके साथ एसडीओ अनंत कुमार, सिविल सर्जन एपीएन देव और बीडीओ अविश्वर मुर्मू भी मौजूद थे। औचक निरीक्षण के दौरान जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया।
जांच के क्रम में अस्पताल में भारी अनियमितता और कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं थी, मरीजों की भीड़ लगी हुई थी और उनके लिए जरूरी सुविधाएं भी नहीं थीं। पहले भी इस अस्पताल को लेकर शिकायत आई थी और शोकॉज नोटिस दिया गया था, लेकिन उसका जवाब नहीं देने पर डीसी ने नाराजगी जताई।
आयुष्मान भारत योजना के तहत इन अस्पतालों ने मोतियाबिंद ऑपरेशन में गड़बड़ी से जुड़ा सामने आया। बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए ऑपरेशन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली है। कई मरीज जामताड़ा के बताए गए, लेकिन उनके मोबाइल नंबर केरल और राजस्थान के दर्ज पाए गए। इससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच कार्यक्रम में उपायुक्त ने पाया कि आयुष्मान भारत के नाम पर दर्ज कई मरीज और उनके पते फर्जी पाए गए जबकि उनके नाम पर हजारों लाखों का भुगतान अस्पताल ने ले लिया है।
जांच के क्रम में उपायुक्त ने अस्पताल के फार्मेसी की भी जांच की जहां कई विसंगतियां देखी गई।
अस्पताल के अंदर चल रही फार्मेसी भी नियमों के खिलाफ मिली। बिना फार्मासिस्ट के दवाइयों की बिक्री की जा रही थी, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।
इन सब अनियमितताओं को देखते हुए श्री आनंद ने सख्त कदम उठाते हुए सिटी हॉस्पिटल को तुरंत सील करने का आदेश दे दिया। साथ ही अस्पताल संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है।
निरीक्षण के दौरान टीम ने पास के मंगलम नेत्रालय की भी जांच की। यहां भी कई तरह की गड़बड़ियां मिलीं, जिसके बाद इस अस्पताल को भी खाली कराकर सील करने का आदेश दिया गया।
उपायुक्त रवि आनंद ने मंगलम नेत्रालय और सिटी हॉस्पिटल में मिली गड़बड़ियों और आयुष्मान भारत के तहत की गई लूट पर संज्ञा लेते हुए अभिलंब अस्पताल को सील करने और संचालकों पर एफ आई आर करने का आदेश दे दिया है। उपायुक्त श्री आनंद के इस कार्रवाई के बाद जिले में तमाम प्राइवेट हॉस्पिटलों के संचालकों में हड़कंप मच गया।
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