चेन्नई , अप्रैल 22 -- आयकर विभाग ने तमिलनाडु कांग्रेस समिति (टीएनसीसी) अध्यक्ष और श्रीपेरंबुदूर (आर) विधानसभा उम्मीदवार के सेल्वापेरुन्थागई के आरोपों को पूरी तरह से झूठा और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है।
श्री सेल्वापेरुन्थागई ने आरोप लगाया था कि 20 अप्रैल को 'तलाशी' अभियान के बहाने उन्हें अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया था। इस मामले में आयकर विभाग ने चुनाव आयोग (ईसीआई) और चेन्नई के पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज करायी है, जिसमें एक सरकारी विभाग के खिलाफ मानहानिकारक आरोप लगाने के लिए उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गयी है।
केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में श्री सेल्वापेरुन्थागई की 'एक्स' पोस्ट और मीडिया बातचीत का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्हें उनके चुनाव क्षेत्र में अवैध रूप से बंधक बनाया गया और चुनावी कर्तव्यों से रोका गया। इसके बाद मीडिया के कुछ हिस्सों में उनके चेन्नई स्थित आवास पर आयकर छापे की खबरें आयी, जिन्हें विभाग ने निराधार बताया है।
विभाग ने कहा कि जांच में ये आरोप पूरी तरह से गलत पाये गये। बयान में स्पष्ट किया गया, "20 अप्रैल या हाल के दिनों में सेल्वापेरुन्थागई के खिलाफ आयकर विभाग ने कोई तलाशी, सर्वे या किसी भी तरह की प्रवर्तन कार्रवाई नहीं की है।"सीबीडीटी ने कहा कि उनकी आवाजाही को रोकने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह भी साफ किया गया कि चेन्नई के किलपौक स्थित उनके आवास सहित किसी भी परिसर में कोई आयकर कार्यवाही नहीं हुई। विभाग ने बताया कि श्रीपेरंबुदूर के कुछ इलाकों में की गयी सीमित जांच केवल बिना हिसाब-किताब की नकदी की आवाजाही की गुप्त सूचना पर आधारित थी। "ये सामान्य गतिविधियां संबंधित अधिकारियों के समन्वय से की गयी थीं और इनका सेल्वापेरुन्थागई से कोई संबंध नहीं था। इन जांचों में ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे आगे की कार्रवाई की जरूरत हो और न ही इसमें उक्त व्यक्ति को किसी भी रूप में शामिल किया गया।"सीबीडीटी ने कहा कि उनके झूठे और भ्रामक बयानों की रिपोर्ट चुनाव आयोग और चेन्नई पुलिस आयुक्त को दी गयी है, ताकि गलत सूचना फैलाने और सरकारी विभाग की छवि धूमिल करने के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सके। इससे पहले टीएनसीसी प्रमुख ने कथित बंधक बनाये जाने को सत्ता का खुला दुरुपयोग और लोकतंत्र के सिद्धांतों पर हमला बताया था।
इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए उन्होंने कहा था कि "किसी भी तरह की डराने-धमकाने वाली कार्रवाई हमें जनता की सेवा करने से नहीं रोक सकती।" गौरतलब है कि टीएनसीसी प्रमुख के ये आरोप वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के तमिलनाडु दौरे के समय सामने आये, जिसके बाद द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन सहित अन्य सहयोगियों ने भी इसकी कड़ी निंदा की थी।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस कथित कार्रवाई को प्रतिशोध की राजनीति बताते हुए इसे श्री सेल्वापेरुन्थागई के चुनाव प्रचार को बाधित करने की साजिश करार दिया था। उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु की जनता केंद्र की भाजपा सरकार की इन हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देगी।
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