जयपुर , फरवरी 02 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आम बजट 2026-27 को आत्मनिर्भर, विकसित, संभावनाओं, उपलब्धियों और संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाला बजट बताते हुए कहा है कि इसमें नए भारत की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के साथ अंतिम व्यक्ति को आगे लाने की प्रतिबद्धता का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में आम बजट 2026-27 पेश किया था।
श्री शर्मा आम बजट पर सोमवार को यहां मुख्यमंत्री कार्यालय में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 साल से देश वित्तीय अनुशासन और स्थायित्व के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति केन्द्रित इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और सेवा क्षेत्र पर ध्यान बढ़ाने वाले प्रावधान किए गए हैं, इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल, एक लाख 50 हजार केयर गिवर्स और टूरिस्ट गाइड्स को कौशल प्रशिक्षण से भी युवाओं को फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में एवीजीसीएक्सआर पॉलिसी पहले ही लागू की जा चुकी है। अब माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेट क्रियेटर लैब्स की स्थापना से राजस्थान के युवाओं को दोहरा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए सशक्तिकरण, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने, कृषि अवसंरचना एवं बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाने और जोखिम घटाने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
श्री शर्मा ने कहा यूरोप के साथ ऐतिहासिक समझौता होने के बाद इस बजट ने देश के छोटे-बड़े उद्योगों, विनिर्माण, कारीगरों और कामगारों को वैश्विक बाजार में जगह बनाने के लिए नई दिशा दिखाई है। बायो फार्मा, केमिकल्स, टेक्सटाइल, हैंडलूम, हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने उद्योग जगत का आह्वान किया कि निर्माण और आधारभूत की हैवी मशीनरी के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बजट में लाई गई विशेष योजना का लाभ लेते हुए राजस्थान के औद्योगिक गलियारा में अपनी इकाइयां लगाएं। उन्होंने कहा कि इस बजट से प्रदेश के निर्यातकों को नए खुल रहे बाजारों में निर्यात वृद्धि के अवसर भी मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में राजस्थान की संभावनाओं और आवश्यकताओं को पूरा स्थान मिला है। अक्षय ऊर्जा के लिए 30 प्रतिशत ज्यादा करीब 32 हजार 914 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसी प्रकार पीएम सूर्यघर योजना को 22 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। सोलर ग्लास विनिर्माण में प्रयोग आने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर सीमा शुल्क में छूट दी गई है। बीईएसएस में उपयोग में आने वाले लीथियम आयन सेल बैटरी निर्माण में प्रयुक्त पूंजीगत सामानों के लिए सीमा शुल्क में छूट दी गई है। राजस्थान सौर ऊर्जा में पहले से ही अग्रणी प्रदेश है, अब इन प्रावधानों से प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल में सेमीकंडक्टर नीति, एआईएमएल नीति और डेटा सेंटर नीति लागू की हैं। इसलिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, एआई मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन, इलेक्ट्रोनिक कम्पोनेन्ट मेनुफेक्चरिंग स्कीम, डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज को दिए गए प्रोत्साहन का फायदा लेते हुए सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब बनने के लिए प्रदेश पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि एसएमई विकास निधि और आत्मनिर्भर भारत टॉपअप छोटे उद्योगों के लिए बड़ी सौगात हैं। महात्मा गांधी स्वराज योजना और चैम्पियन एमएसएमई बनाने की पहल से राजस्थान के छोटे उद्योगों के ग्लोबल बिजनेस हाउस बनने की राह प्रशस्त होगी। मेगा टैक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर प्रोत्साहन योजना और देशभर में 200 औद्योगिक समूह क्षेत्र को फिर से मजबूत करने की घोषणा भी राजस्थान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि बजट में अवसंरचना विकास पर विशेष जोर देते हुए 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश के शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए अधिक राशि मिल सकेगी। इनविट बॉन्डस, आरईआईटी और म्युनिसिपल बॉन्डस से मिलने वाले आर्थिक संबल से प्रदेश के शहर बड़े पैमाने पर लाभान्वित होने जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास भी मौजूद थे।
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