रायपुर, मार्च 24 -- देश और प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र और भाजपा शासित राज्यों की सरकारों पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि नशे पर नियंत्रण में केंद्र और राज्य सरकारें दोनों विफल रही हैं, जबकि पंजाब में आप की सरकार ने इस दिशा में ठोस परिणाम दिए हैं।
पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश प्रवक्ता जयदीप खनूजा ने मंगलवार को कहा - देश में नशे के मामलों में भयावह इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरब) और अन्य एजेंसियों के आंकड़े बताते हैं कि 2022 के मुकाबले 2023 में ड्रग्स से जुड़े मामलों में 58 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अत्यधिक चिंताजनक है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पंजाब में दो वर्षों में नशा खत्म करने के वादे को हास्यास्पद बताते हुए पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के माध्यम से हो रही तस्करी पर केंद्र सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
प्रदेश अध्यक्ष (परिवहन विंग) पलविंदर सिंग पन्नू ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि देश में ड्रग्स की बरामदगी का आंकड़ा 2023 में लगभग 16,100 करोड़ रुपये था, जो 2024 में बढ़कर लगभग 25,330 करोड़ रुपये हो गया, जो 55 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने चेताया कि डार्कनेट के बढ़ते उपयोग, कूरियर और पार्सल के माध्यम से तस्करी के बढ़ते मामलों और सिंथेटिक ड्रग्स के शहरी युवाओं व कॉलेजों में तेजी से फैलाव ने चिंता बढ़ा दी है। एनसीआरबी 2022 के आंकड़ों के अनुसार, सर्वाधिक एनडीपीएस मामले उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में दर्ज हुए हैं, जहां भाजपा की सरकारें हैं। उन्होंने गुजरात के बंदरगाहों और समुद्री मार्गों से पकड़ी गई बड़ी ड्रग्स खेपों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
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