कांकेर , दिसंबर 18 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में शव दफनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। एक कथित अवैध प्रार्थना स्थल में घुसी भीड़ को हटाने के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुए टकराव और पथराव में अंतागढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आशीष बंछोर सहित 20 से अधिक पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए।

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मोर्चा संभाल लिया है।

विवाद की शुरुआत ग्राम बड़े तेवड़ा निवासी 70 वर्षीय चमरा राम सलाम की मृत्यु के बाद हुई। गत16 दिसंबर को परिजनों द्वारा निजी भूमि पर किए गए दफन संस्कार पर ग्रामीणों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि यह संस्कार पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुरूप नहीं था। तनाव बढ़ता देख प्रशासन ने शव को बाहर निकालने और पोस्टमार्टम के आदेश दिए थे, लेकिन इस बीच विवाद गहरा गया।

गुरुवार को स्थिति उस समय अनियंत्रित हो गई जब सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एक प्रार्थना भवन के भीतर घुस गए। पुलिस ने जब उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, तो ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस को भी बल प्रयोग करना पड़ा। इस हिंसा में संपत्तियों को भी नुकसान पहुँचा है। प्रशासन के अनुसार, सभी घायलों को इलाज के लिए उच्च केंद्रों में भेजा गया है और घटना की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।

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