चंडीगढ़ , जनवरी 19 -- शिरोमणि अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने सोमवार को पंजाब पुलिस की दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी को बचाने के लिए कथित तौर पर रची गयी साजिश की स्वतंत्र जांच की मांग की है। सुश्री आतिशी पर गुरु साहिबान के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री कलेर ने कहा कि पुलिस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इशारे पर मोहाली स्थित फोरेंसिक साइसं लेबोरेटरी से फर्जी रिपोर्ट हासिल कर आतिशी को बचाया। उन्होंने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि मुख्यमंत्री ने गुरु साहिब का अपमान करने वाली आतिशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के बजाय उन्हें बचाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, " यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जालंधर पुलिस कमिशनर कार्यालय का इस्तेमाल इस मामले को दबाने के लिए किया गया और मोहाली स्थित एफएसएल से एक रिपोर्ट हासिल की जिसमें कहा गया कि आतिशी द्वारा अपमानजनक टिप्पणी करने वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गयी। "श्री कलेर ने कहा कि यह वही प्रयोगशाला है, जिसने पूर्व मंत्री विजय सिंगला को क्लीन चिट दी थी। उन्होंने कहा, "अब जालंधर पुलिस के झूठ का प्रर्दाफाशहो गया, क्योंकि दिल्ली के विधानसभा अध्यक्ष ने एक निर्णायक रिपोर्ट पेश की, जिससे साबित होता है कि वीडियो असली था और उसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गयी।" गुरु साहिबान के खिलाफ बेअदबी के सबूत मिटाने के लिए एक स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए अकाली नेता ने पंजाब पुलिस सेयह बताने की मांग की कि इस मामले में उसका अधिकार क्षेत्र क्या है, क्योंकि यह घटना दिल्ली में हुई थी।

आम आदमी पार्टी सरकार के गैंगस्टर राज को खत्म करने के दावों के विपरीत एक और गंभीर घटनाक्रम का खुलासा करते हुए कलेर ने कहा कि सरकार ने अदालत में बयान दिया है कि उसके पास कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के खिलाफ कोई सबूत नहीं है, और उसे बरी कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने पहले तरनतारन उपचुनाव के दौरान चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए भगवानपुलिया का असम से पंजाब तबादला करवाया था। उन्होंने कहा, "इससे साबित होता है कि आप सरकार वास्तव में उन गैंगस्टरों से हाथ मिला रही है, जिन्होंने पंजाब को बर्बाद कर दिया और जिसके परिणामस्वरूप राज्य की पूंजी दूसरे राज्यों में चली गयी।''अकाली प्रवक्ता ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि सरकार एक ओर गुरु साहिबान के अपमान में शामिल आतिशी का बचाव कर रही है और गैंगस्टरों से हाथ मिला रही है, वहीं दूसरी ओर बंगा स्थित एक धार्मिक स्थान में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों की जांच करने के लिए राजनीतिक कर अपनी शक्तिका गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी बेअदबी के दोषी और दिल्ली के विधायक नरेश यादव को बचाया था और गुरमीत राम रहीम मामलों को पंजाब से बाहर स्थानांतरित करने के लिए हर संभव प्रयास किया था।

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