अमृतसर , जनवरी 06 -- कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी(आप) के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल पर आरोप लगाया कि उनके संरक्षण के कारण अमृतसर में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना रुकी हुई है।
श्री औजला ने बताया कि अजनाला के सुधर गांव के सरपंच निशान सिंह से मुलाकात के दौरान यह बात सामने आई कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए मिट्टी की आपूर्ति हेतु सभी आवश्यक अनुमतियां होने के बावजूद सरपंच को काम करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच पर अनुचित दबाव डाला जा रहा है कि वे गांव की छप्पर (साझा भूमि) पर धालीवाल के सहयोगी के लिए जबरन एक कमरा बनवाएं, जिसे उन्होंने घोर भ्रष्टाचार करार दिया।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए विभिन्न स्थानों से कानूनी रूप से मिट्टी लाई जा रही है और पूरी प्रक्रिया कानून के अनुरूप चल रही है। हालांकि, सरपंच निशान सिंह को ही अपनी जमीन से मिट्टी उठाने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ही गांव के वे नेता, जो चुनाव हार गए थे और आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं, इस दबाव के पीछे हैं। उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं और टकराव के लिए उकसाने की कोशिशें की जा रही हैं।
श्री औजला ने कहा कि सभी संबंधित विभागों से मंजूरी मिलने के बाद 16 जून को काम के लिए सभी अनुमतियां जारी कर दी गई थीं। जब संबंधित दस्तावेज पुलिस को दिखाए गए, तो उन्होंने भी काम को कानूनी माना और आगे बढ़ने की सलाह दी। हालांकि, जब भी ठेकेदार काम शुरू करता है, या तो पुलिस उसे रोक देती है या फिर मजदूरों के खिलाफ मारपीट की घटनाएं घटित होती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी कार्रवाइयां श्री धालीवाल के संरक्षण में की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सच्चाई जानने के बावजूद पुलिस उनकी बात नहीं सुन रही है और गैरकानूनी रूप से दूसरे पक्ष का साथ दे रही है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल सरपंच निशान सिंह बल्कि आम जनता भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना ठप्प पड़ी है।
श्री औजला ने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ और कोई अप्रिय घटना घटित हुई तो कुलदीप सिंह धालीवाल सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। इस बीच, सरपंच निशान सिंह ने बताया कि उन्होंने पुलिस उपायुक्त से लेकर पुलिस उपमहानिरीक्षक तक कई अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगाए हैं, जहां उन्हें बार-बार काम शुरू करने के लिए कहा गया है। हालांकि, काम शुरू होते ही पुलिस आ जाती है और उसे रोक देती है। उन्होंने मांग की कि धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनका रुका हुआ मिट्टी खोदने का काम तुरंत दोबारा शुरू किया जाए।
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