जोधपुर , अक्टूबर 21 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि आपसी प्रेम और सौहार्द धन से अधिक मूल्यवान है, दीपावली जैसे पर्वों पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम उन घरों में रोशनी लाने का प्रयास करें, जहां अब भी अंधेरा है।
श्री शेखावत मंगलवार को नगर निगम दक्षिण की पहल पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर दिवंगत मोहन मेघवाल 'भईसा' के नाम पर एक मार्ग का लोकार्पण किया गया। उन्होंने कहा कि यह मात्र औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए आत्मावलोकन और प्रेरणा का क्षण है।
श्री शेखावत ने कहा कि आज का दिन दो कारणों से विशेष है, एक ओर भारतीय जनसंघ का स्थापना दिवस है, वहीं दूसरी ओर मोहन मेघवाल जी की पुण्यतिथि है। जिस संकल्प और विचारधारा के साथ जनसंघ की स्थापना हुई थी, उसे साकार करने में मोहन जी जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं की भूमिका अविस्मरणीय रही है। उन्होेंने कि मोहन मेघवाल संगठन के प्रति समर्पण, सादगी और सेवा भावना के प्रतीक थे। शेखावत ने कहा कि जनसंघ का बीज श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने बोया था, जिसे करोड़ों कार्यकर्ताओं ने अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से सींचा। अब वही पौधा एक विशाल वटवृक्ष के रूप में भारतीय जनता पार्टी के रूप में फल-फूल रहा है।
श्री शेखावत ने कहा कि संगठन में सक्रियता और विनम्रता, दोनों आवश्यक हैं। राजनीतिक जीवन में पद और प्रतिष्ठा का अहंकार न आए, यह सीख मोहन मेघवाल जी के जीवन से मिलती है। वह हर कार्यकर्ता से आत्मीयता से मिलते थे, चाहे वह किसी भी स्तर का क्यों न हो। यही भाव संगठन की शक्ति है।
अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए शेखावत ने कहा कि 1991 के छात्रसंघ चुनाव में जब वह अध्यक्ष बने थे, तभी उनका मोहन जी से परिचय हुआ। तब से लेकर उनके अंतिम समय तक उन्होंने सदैव पितृवत स्नेह और मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा, " मैं उनके पुत्र के समान आयु का था, फिर भी उन्होंने हमेशा मुझे अपने से ऊपर का स्थान दिया। यह स्नेहशीलता दुर्लभ है।"उन्होंने कहा कि मोहनजी का परिवार केवल उनके रक्त संबंधों तक सीमित नहीं था, बल्कि संगठन के सभी कार्यकर्ता उनके परिवार का हिस्सा थे। वह सभी के लिए स्नेह और अपनापन रखते थे। उन्होंने कहा कि जनसंघ की स्थापना और मोहन मेघवाल जी की पुण्यतिथि, दोनों ही अवसर हमें आत्मपरिष्कार और संकल्प का संदेश देते हैं।
श्री शेखावत ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्ति नहीं, बल्कि भारत को उत्कर्ष के शिखर तक पहुंचाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब भारत उस मुकाम की ओर बढ़ रहा है, जहां अगले 20 वर्षों में हमारा देश विश्व का सबसे सशक्त, श्रेष्ठ और संपन्न राष्ट्र बनेगा। हमारे सामने अब लक्ष्य स्पष्ट है, बस कदम ताल तेज करनी है और समर्पण भाव से आगे बढ़ना है। हम सबको यह संकल्प लेना चाहिए कि जब-जब इस मार्ग से गुजरें, तब-तब मोहन जी के आदर्शों को स्मरण करें और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का प्रयास करें।
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