देहरादून , मई 11 -- उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने सोमवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) में आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत राज्य स्तरीय तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सभी जिलों एवं रेखीय विभागों द्वारा मानसून अवधि में संभावित आपदाओं एवं आपात स्थितियों से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी गई।

श्री कौशिक ने कहा कि मानसून अवधि पर्वतीय राज्य के लिए अत्यंत संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण रहती है। प्रदेश में एक ओर जहां मानसून का सीजन प्रारम्भ होने वाला होता है, वहीं दूसरी ओर चारधाम यात्रा भी अपने चरम पर रहती है। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता की गुंजाइश नहीं रहती। उन्होंने कहा कि सभी रेखीय विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) एवं अन्य एजेंसियां पूर्ण समन्वय के साथ 24x7 अलर्ट मोड में कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की सूचना प्राप्त होते ही राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचें तथा बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य प्रारम्भ किए जाएं।

मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रतिक्रिया समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने सभी विभागों को अपने प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्रदेशभर में नालों एवं नालियों की सफाई के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून प्रारम्भ होने से पहले कम से कम दो बार नालों एवं नालियों की सफाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव एवं शहरी बाढ़ जैसी स्थितियों को रोका जा सके।

श्री कौशिक ने निर्देश दिए कि संभावित जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपकरण जैसे उच्च क्षमता वाले पम्प, मोटर बोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण एवं संचार संसाधन पूरी तरह कार्यशील अवस्था में उपलब्ध रहें। उन्होंने पुलिस, एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ को विशेष रूप से सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार टीमों की पूर्व तैनाती की जाए तथा किसी भी स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए।

इस दौरान, उपाध्यक्ष, सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग विनय कुमार रुहेला ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों द्वारा प्रत्येक जिला में मानसून अवधि के लिए खाद्यान्न, राशन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खाद्यान्न, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि आपदा अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में आमजन को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव सी रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान, आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं ऋद्धिम अग्रवाल, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी फायर सुनील मीणा, एससीईओ प्रशासन महावीर सिंह चौहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, यूकाडा के सीईओ आशीष चौहान, अपर सचिव अभिषेक रुहेला, अपर सचिव गृह तृप्ती भट्ट, संतोष बडोनी, अपर सचिव गरिमा रोंकली, सीसीएफ सुशांत पटनायक, डीजी हेल्थ डाॅ. शिखा जंगपांगी, चीफ इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग दयानंद, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, निदेशक मौसम विभाग डाॅ. सीएस तोमर, जेसीईओ मो. ओबैदुल्लाह अंसारी आदि उपस्थित रहे।

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