कोलकाता , अक्टूबर 30 -- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बढ़ती चिंता के बीच लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश की।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की यह अपील एसआईआर की घोषणा के 72 घंटों के भीतर हुई आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास की तीन दुखद घटनाओं के बाद आई है।

सुश्री बनर्जी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "बंगाल भर के मेरे भाइयों और बहनों, मैं आपको आश्वस्त करना चाहती हूँ कि जब तक हम यहाँ हैं, आपको डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। आपके अधिकार, आपकी गरिमा और आपका भविष्य सुरक्षित है।"मुख्यमंत्री ने लिखा, "हम भाजपा की भय, घृणा और विभाजन की राजनीति के दुखद परिणाम देख रहे हैं।" उन्होंने कहा कि बंगाल में एसआईआर की घोषणा के 72 घंटों के भीतर कई ऐसी त्रासदियाँ घटित हुई हैं जिन्हें टाला जा सकता था। सुश्री बनर्जी ने पूछा इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? क्या केंद्रीय गृह मंत्री ज़िम्मेदारी लेंगे?उल्लेखनीय है कि पानीहाटी में 57 वर्षीय प्रदीप कर ने सोमवार रात कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी और इसके पीछे एनआरसी को दोषी ठहराते हुए एक 'सुसाइड नोट' लिखा था। अगले ही दिन दिनहाटा के 63 वर्षीय खैरुल शेख ने कथित तौर पर मतदाता सूची में अपने नाम में वर्तनी की गलती से परेशान होकर ज़हर खा लिया। उनका इलाज चल रहा है। इनके अलावा इलमबाजार के 95 वर्षीय क्षितिज मजूमदार गुरुवार को मृत पाए गए। उनके परिवार का आरोप है कि 2002 की मतदाता सूची में अपना नाम न मिलने के कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली।

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