पटना , जनवरी 09 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को हर स्तर पर लागू करना है।
मुख्य सचिव श्री अमृत की अध्यक्षता में आज यहां वायुयान संगठन निदेशालय, में 'उद्योग वार्ता' का आयोजन किया गया। इस बैठक में उद्योग जगत के 13 प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस और औद्योगिक समस्याओं का त्वरित समाधान रहा।
श्री अमृत ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आधुनिक तकनीक और एआई को हर स्तर पर लागू करना है। उन्होंने कहा, "दुनिया तेजी से बदल रही है और बिहार को भी एक सुदृढ़ एआई इकोसिस्टम विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि एआई के बारे में जन-जन तक जानकारी पहुंचे और सरकारी कार्यप्रणाली में इसका प्रभावी उपयोग हो।
इस अवसर पर गूगल इंडिया के प्रतिनिधि राजेश रंजन ने बिहार के युवाओं को एआई क्षेत्र में प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव दिया। इसके तहत एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, जिसमें आगामी छह महीनों में लगभग दस हजार बच्चों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम कॉलेजों में भी संचालित करने का प्रस्ताव है, जिस पर मुख्य सचिव ने सकारात्मक रुख दिखाया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री अमृत ने केवल प्रस्ताव ही नहीं सुने, बल्कि उद्यमियों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान भी किया। सासा मुसा चीनी मिल के पुनरुद्धार के लिये आए आवेदन पर मुख्य सचिव श्री अमृत ने संबंधित विभाग को तत्काल निर्णय लेने का आदेश दिया।स्टार्टअप्स को पहले दो चरणों में दी जाने वाली राशि को एकमुश्त देने के अनुरोध पर विचार करने का आश्वासन दिया गया।राज्य में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिये अनुकल वातावरण बनाने के प्रस्तावों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।
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