लखनऊ , फरवरी 02 -- "हाई-एंड अल्ट्रासाउंड मशीनों के उपयोग से एनेस्थीसिया प्रक्रिया अधिक सुरक्षित हुई है और मरीजों की रिकवरी भी तेज़ हो रही है।" यह बात संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (एसजीपीजीआईएमएस) के निदेशक डॉ. आर के धीमन ने संस्थान में आयोजित दो दिवसीय एस- क्राफ्ट 2026 के समापन अवसर पर कही।
उन्होंने एनेस्थीसियोलॉजी विभाग को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाएं रोगी देखभाल की गुणवत्ता को नई दिशा देती हैं। एसजीपीजीआईएमएस के डीन प्रो. शालीन कुमार ने कहा कि पेरीऑपरेटिव नर्व ब्लॉक तकनीक से ऑपरेशन के बाद दर्द कम होता है और मरीज का रिकवरी समय घटता है। वहीं एनेस्थीसियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय धीरज ने बताया कि अल्ट्रासाउंड-गाइडेड नर्व ब्लॉक्स शरीर की स्ट्रेस प्रतिक्रिया कम करते हैं और मरीज जल्दी चलने-फिरने लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पोस्टग्रेजुएट छात्रों को आधुनिक तकनीक सीखने का बेहतर अवसर मिलता है।
सीएमएस डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने आयोजन टीम को बधाई देते हुए विभाग को अकादमिक उत्कृष्टता के लिए हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। एटीसी प्रमुख अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि यह कार्यक्रम और पुस्तक विमोचन युवा चिकित्सकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
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