नैनीताल , फरवरी 17 -- उत्तराखंड के प्रतिपक्ष के नेता यशपाल आर्य ने कहा कि शहरों में पेयजल, सीवर और आधारभूत ढांचे के विकास के नाम पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

सड़कों को खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया है। परिणामस्वरूप हर गली और मोहल्ला धूल, कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो गया है।

मंगलवार को एक बयान जारी कर श्री आर्य ने कहा कि उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) द्वारा संचालित इन योजनाओं की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। कार्यस्थलों पर सूचना बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, न परियोजनाओं की समय-सीमा स्पष्ट है और ठेकेदार तथा कंपनियों की जानकारी सार्वजनिक भी नहीं की गई है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिना ठोस योजना, प्रभावी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन के चलते जनता को दुर्घटना और जाम जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने मांग की कि सभी परियोजनाओं के कार्यादेश, कुल लागत एवं निर्धारित समय-सीमा तत्काल सार्वजनिक की जाए। प्रत्येक कार्यस्थल पर परियोजना का विवरण समेत सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए। परियोजना में देरी पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि शीघ्र समाधान, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो जनहित में व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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