रांची , अक्टूबर 30 -- झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर ने आज राज्य की हेमंत सरकार को घोर आदिवासी विरोधी बताया।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने आज यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि झारखंड में पिछले 6 वर्षों से चल रही हेमंत सरकार पार्ट 1 और पार्ट 2 दोनों के कारनामों को जब हम देखते हैं तो इससे स्पष्ट होता है कि यह सरकार कहीं से भी आदिवासी समाज की हितैषी सरकार नहीं है।कहा कि यह कहने को केवल अबुआ सरकार है लेकिन एक भी उदाहरण इस सरकार में नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि इस सरकार में राज्य के आदिवासी,मूलवासी भाई बहनों के हित में काम हो रहा हो।उल्टे हम देख रहे हैं कि आए दिन राज्य के आदिवासी समाज को प्रताड़ित किया जा रहा है।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि विगत 25 अक्टूबर को चाईबासा सदर अस्पताल में थैलीसीमिया का इलाज करा रहे 5 आदिवासी बच्चों को सदर अस्पताल में एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने का मामला उजागर हुआ।अब इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि यह सरकार आदिवासी समाज के परिवार उनके बच्चों की कितनी चिंता कर रही है। यह पूरी तरह से इलाज के नाम पर मौत परोसने वाली हृदय विदारक घटना है। कहा कि इससे भी दुखद यह है कि राज्य सरकार चंद लोगों को निलंबित करके इसे रफ़ा दफा कर देना चाहती है।स्वास्थ्य मंत्री विपक्ष और भाजपा पर राजनीतिक टिप्पणी कर गैर जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे।संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। और आदिवासी समाज का अगुआ बताने वाले मुख्यमंत्री मौन साधे बैठे हैं।
कहा कि इससे इस सरकार की आदिवासी समाज के प्रति क्या नजरिया है यह उजागर होता है।
कहा कि हेमंत सरकार आदिवासी विरोधी कारनामों से भरी पड़ी है।
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