नारायणपुर, जनवरी 05 -- त्तीसगढ़ में जिला नारायणपुर के थाना सोनपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ओरछाकुरुई (कुंदला पंचायत) के जंगल में एक 10 वर्षीय वर्षीया आदिवासी बच्ची का अर्धनग्न एवं क्षत-विक्षत शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतका बीते 4 दिनों से घर से लापता थी, नक्सल प्रभावित जिले में इस तरह की वारदातों का इतिहास नहीं रहा है, नाबालिग बच्ची की नृशंस हत्या और कथित तौर पर बलात्कार की घटना ने पुलिस के समक्ष चुनौती पेश की है।

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम ओरछाकुरुई निवासी आदिवासी बच्ची 31 दिसंबर से लापता थी। परिजनों द्वारा लगातार बच्ची तलाश की हर संभावित जगहों पर की जा रही थी। इसी बीच 04 जनवरी को ग्रामीणों ने कोसरा खेत/जंगल क्षेत्र में बालिका का शव पड़ा देखा, जिसके बाद तत्काल थाना सोनपुर को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में बालिका के सिर पर टंगिया/धारदार हथियार से चोट के निशान पाए गए हैं। शव की स्थिति अर्धनग्न होने के कारण परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई है।

घटनास्थल के वैज्ञानिक परीक्षण हेतु एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को बुलाया गया था। टीम में मौके पर साक्ष्य संकलित किए हैं। आदिवासी बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

जिले के एसपी रॉबिंसन गुड़िया ने वार्ता को बताया प्रारंभिक विवेचना में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। प्रकरण में गांव के ही एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, गांव के अन्य लोगों से भी अलग अलग टीमें पूछताक्ष के काम में लगी है, पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के बाद पता चलेगा कि क्या यह बलात्कार और हत्या का मामला है।

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