सोनभद्र , नवंबर 15 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि धरती आबा (धरती के पिता) भगवान बिरसा मुंडा स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासियों के उत्थान के लिये हमेशा याद किये जायेंगे।

योगी ने चोपन स्थित रेलवे के खेल मैदान में भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित गौरव दिवस समारोह में एक आम सभा को संबोधित करते हुये कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का नारा था "अबुआ दिशुम , अबुआ राज" यानी अपना देश अपना राज। यह नारा उन्होने अंग्रेजों से लड़ने के लिए आंदोलन के दौरान दिया था। अंग्रेजों द्वारा राँची जेल में दी गई यातना के कारण भगवान बिरसा मुंडा की मात्र 25 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई।

उन्होने कहा कि मृत्यु के बाद भी उनका संघर्ष काम आया और ब्रिटिश सरकार को झुकना पड़ा तथा जो माँग उन्होंने जनजातीय समुदाय के अधिकारों के लिए अंग्रेज़ों से की थी वह अधिकार देने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की देन है कि हमारा जनजातीय समाज तेजी से विकास की और अग्रसर होने के साथ ही देश के विकास में भी योगदान दे रहा है।

योगी ने कहा कि 125 वर्ष पूर्व संसाधनों के तमाम अभावों के बावजूद जनजाति समाज देश की मुख्य धारा से जुड़ कर भारत की स्वाधीनता के लिए आंदोलन कर रहा था l उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को सम्मान दिलाने का काम डबल इंजन की एन डी ए और भाजपा की सरकार ने किया है l मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कारण हम सबको इस जनजाति गौरव दिवस में जुड़ने का अवसर मिल रहा है ।

उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव पखवारा के अंतर्गत 15 दिनों से विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं l उन्होंने कहा की जनजाति समाज ने अपने पुराने वाद्य यंत्रों से लोक कला को जीवंत बना कर रखा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार बलरामपुर जनपद में जनजातीय म्यूजियम की स्थापना हम लोगों द्वारा की गई है उसी प्रकार विंध्याचल मंडल में भी एक म्यूजियम बनाया जाएगा l उन्होंने सोनभद्र में स्थित सलखन जीवाश्म पार्क , शिवद्वार स्थित शिव पार्वती मन्दिर सहित अन्य पर्यटन स्थलों की भी चर्चा की।

योगी ने कहा कि प्रदेश में कुल 15 जनजातियों में से 14 अकेले सोनभद्र जनपद में निवास करती हैं साथ ही देश में एक जनपद में सर्वाधिक जनजातियाँ चार लाख से अधिक सोनभद्र में निवास करती हैं l उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पी एम जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 517 जनजाति बाहुल्य ग्रामों में धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना प्रारंभ किया है जिसके अंतर्गत उन ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही सभी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

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