चंद्रपुर , जनवरी 23 -- शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के गलियारे में प्रस्तावित खनन परियोजनाओं को खारिज करने की अपील की और चेतावनी दी कि इनसे पारिस्थितिकी का गंभीर नुकसान हो सकता है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को लिखे पत्र में श्री ठाकरे ने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल वन परिदृश्य के लिए बल्कि इन आवासों पर निर्भर वन्यजीवों के लिए भी हानिकारक होंगी।

उन्होंने कहा कि जनवरी के पहले सप्ताह में महाराष्ट्र राज्य वन्यजीव बोर्ड (एसबीडब्ल्यूएल) ने घोडाज़ारी वन्यजीव अभ्यारण्य के पास लोहरदोंगरी और मार्की-मंगली में खनन प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है जो ताडोबा टाइगर रिजर्व कॉरिडोर के अंतर्गत आता है।

श्री ठाकरे ने यह भी कहा कि यद्यपि एसबीडब्ल्यूएल के कई सदस्यों ने प्रस्तावों पर आपत्ति एवं चिंता व्यक्त की लेकिन बोर्ड के अध्यक्ष ने उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि इन परियोजनाओं से होने वाला अनुमानित खनिज उत्पादन, इनके कारण होने वाले व्यापक पर्यावरणीय विनाश की तुलना में अपेक्षाकृत कम है।

इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन खनन गतिविधियों से राज्य को मिलने वाला राजस्व लगभग नगण्य होगा। महाराष्ट्र के पूर्व पर्यावरण मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए श्री ठाकरे ने इस बात पर बल दिया कि जैव विविधता को होने वाला नुकसान किसी भी आर्थिक लाभ से कहीं अधिक है।

श्री ठाकरे ने केंद्र से हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए केंद्रीय मंत्री से अपील की कि वह राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड स्तर पर प्रस्तावों को खारिज करके संरक्षण के प्रति मंत्रालय की जिम्मेदारी को पूरा करें।

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