नयी दिल्ली , दिसंबर 09 -- केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने की नीति के तहत बड़ी संख्या में प्रतिवाद करने वाले उग्रवादियों की मुठभेड़ में मौत हो गयी है और हज़ारों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को जीवन की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए हर उन्हें तरह से मदद दी जा रही है।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि वामपंथी उग्रवादियों को लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है। सरकार वामपंथी उग्रवाद को पूरी तरह से खत्म करने की कार्रवाई तेजी से कर रही है। उनका कहना था कि वामपंथी उग्रवाद 1967 में शुरू हुआ और अब इसे मार्च 2026 तक पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जून 2019 से अब तक 19 नक्सली नेता मारे जा चुके हैं और हजारों उग्रवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। उनका कहना था कि जो उग्रवादी आत्म समर्पण कर रहे हैं उन्हें सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है ताकि वे आम जीवन धारा से जुड़ सकें। इसके लिए उन्हें भूमि दी जा रही है, उनके बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है और चिकित्सा की निशुल्क व्यवस्था की गई है। उन्हें कुटीर उद्योगों से जोड़ा जा रहा है और आवासीय भूमि देकर उन्हें बसाने का काम सरकार कर रही है। इस वर्ष अब तक 2000 से अधिक माओवादी उग्रवादी आत्म समर्पण कर चुके हैं।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि इसके लिए ठोस नीति बनाई होती तो वामपंथी उग्रवाद अब तक खत्म हो गया होता लेकिन अब उनकी सरकार इसके सफाई के लिए पूरी तरह से तैयार है और जो नीति चलाई जा रही है उससे देश को जल्द ही वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति मिल जाएगी।
श्री राय ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद से पहले देश के 10 राज्य प्रभावित थे जो अब कम होकर पांच रह गए हैं। इनमें भी इस उग्रवाद के खिलाफ तेजी से कार्रवाई चल रही है।
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