पौड़ी , नवंबर 01 -- छत्तीसगढ़ के जनपद पौड़ी गढ़वाल के अगरोड़ा गांव के 75 वर्षीय काश्तकार जगपाल सिंह रावत आज प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गये हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 'आत्मनिर्भर उत्तराखंड' की परिकल्पना अब धरातल पर साकार होती दिख रही है।

मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों के प्रभाव से हर व्यक्ति का सपना साकार हो रहा है जिसका सजीव उदाहरण जगपाल सिंह रावत हैं।

पिछले चार दशकों से बागवानी के क्षेत्र में कार्यरत जगपाल रावत ने अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से यह सिद्ध किया है कि पहाड़ में रहकर भी सफलता और समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। वर्तमान में उनके बागान में 35 कीवी और 150 से अधिक मोटी इलायची के पौधे हैं।

रावत के अनुसार, एक कीवी फल 40 से 50 तक तथा इलायची 800 प्रति किलोग्राम तक बाजार में बिक रही है। एक कीवी पौधे से लगभग 25-30 किलोग्राम और एक इलायची पौधे से 1.5-2 किलोग्राम तक उत्पादन हो जाता है। इन फसलों को जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते जिससे ये पहाड़ी किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक हैं।

उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला, जिसके कारण उनके बागान का विस्तार हुआ। उनके बागान में सेब, केला, अमरूद, आंवला, लेमन ग्रास सहित कई अन्य फलदार एवं औषधीय पौधे भी हैं। इसके अतिरिक्त, वे अपने जलाशय में मछली पालन कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।

जगपाल का कहना है कि यदि प्रशासन से और सहयोग प्राप्त हो, तो वे अपने कार्य का विस्तार कर गांव के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे गांव में रहकर स्थानीय संसाधनों का उपयोग करें क्योंकि पहाड़ों में रोजगार और आत्मनिर्भरता की अपार संभावनाएं हैं।

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