बैतूल , जनवरी 07 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में रसोइया महिलाओं के साथ हुए अन्याय के मामले में जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए बड़ा कदम उठाया है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना हटाई गई रसोइया महिलाओं में से एक महिला द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने के बाद जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने तत्काल हस्तक्षेप कर सभी प्रभावित महिलाओं को पुनः रोजगार देने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में बैतूल में जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय में एक महिला रसोइया ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। महिला का आरोप था कि उसे सहित अन्य रसोइया महिलाओं को अचानक काम से हटा दिया गया, जिससे वे बेरोजगारी और आर्थिक संकट का सामना करने को मजबूर हो गईं। घटना सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और मामला चर्चा में आ गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने पूरे मामले की जांच करवाई। जांच के बाद उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी हटाई गई रसोइया महिलाओं को पुनः उनके पद पर बहाल किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि भले ही हटाने की प्रक्रिया नियमों के अंतर्गत की गई हो, लेकिन महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की अनदेखी नहीं की जा सकती।
कलेक्टर के आदेश के बाद जिले की 19 रसोइया महिलाओं को फिर से काम मिल गया है। इस निर्णय से महिलाओं में खुशी और राहत का माहौल है। प्रभावित महिलाओं ने जिला प्रशासन और कलेक्टर के इस संवेदनशील और मानवीय फैसले के लिए आभार व्यक्त किया है।
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