रायपुर , मार्च 13 -- ) छत्तीसगढ़ में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआीएस) से जुड़े मामले में राज्य के आतंकवाद निरोध दस्ते ने दो नाबालिगों के खिलाफ अदालत में लगभग 1000 पन्नों का विस्तृत चालान पेश किया है।

यहां शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार एटीएस ने रविवार को चालान पेश किया। जांच एजेंसी ने इस मामले में कई अहम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की पहचान करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

जांच के मुताबिक 18 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ एटीएस ने रायपुर से दो नाबालिगों को हिरासत में लिया था। पूछताछ और डिजिटल जांच में सामने आया कि दोनों किशोर लंबे समय से सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सामग्री देख रहे थे और इसी दौरान वे आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित हो गए थे।

एटीएस अधिकारियों के अनुसार आतंकी संगठन से जुड़े लोगों ने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से इन किशोरों तक पहुंच बनाई थी। लगातार संपर्क और प्रचार सामग्री के जरिए उन्हें धीरे-धीरे कट्टरपंथी विचारों की ओर प्रेरित किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उन्हें देश के भीतर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उकसाया जा रहा था।

गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने दोनों से लंबी पूछताछ की और उनके खिलाफगैर-कानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जांच में मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर अब अदालत में विस्तृत चालान प्रस्तुत किया गया है।

जांच एजेंसी के अनुसार रायपुर का एक 16 वर्षीय छात्र और भिलाई का 15 वर्षीय किशोर पिछले करीब तीन वर्षों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आतंकी संगठनों से जुड़े वीडियो और पोस्ट देख रहे थे। इसके प्रभाव में आकर उन्होंने ऑनलाइन मंचों पर भारत विरोधी टिप्पणियां और कट्टरपंथी विचारों से जुड़े पोस्ट भी साझा करना शुरू कर दिया था।

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