श्रीनगर , नवंबर 12 -- केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि आतंकवाद तीन दशकों से ज़्यादा समय तक यहां के युवाओं का सबसे बड़ा दुश्मन रहा है तथा इसने उनके सपनों और आकांक्षाओं को नष्ट किया है।

श्री सिन्हा ने इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईयूएसटी) के स्थापना दिवस समारोह के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, "अब हमारे युवा और युवा पेशेवर अपने सपनों को पूरा कर रहे हैं और अपनी आकांक्षाओं को प्राप्त कर रहे हैं , हालांकि हमारा पड़ोसी देश और यहाँ बैठे उनके कुछ आतंकवादी तत्व इस प्रगति को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें ऐसे माहौल के प्रति सतर्क रहना चाहिए और उनके प्रयासों को विफल करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। जम्मू-कश्मीर ने अपनी नयी नियति, नयी पहचान बनायी है और नए सपने बुने हैं। इसकी हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिए और हमारे युवाओं के सपनों को चकनाचूर करने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। हमने पांच वर्षों में विशाल बुनियादी ढाँचा तैयार किया है और अब युवा पेशेवरों को जम्मू-कश्मीर की किस्मत बदलने के लिए विकास रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।"उपराज्यपाल ने 2021 से आईयूएसटी में हुए परिवर्तन और नामांकन, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, स्थिरता, अनुसंधान और नवाचार में विश्वविद्यालय द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, "वर्ष 2021 और 2025 के बीच शैक्षणिक कार्यक्रम 41 से बढ़कर 90 हो गए हैं, जो एआई, रोबोटिक्स, डिज़ाइन योर ओन डिग्री, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, डेटा विज्ञान, अप्रेंटिसशिप-आधारित यूजी-स्तरीय कौशल पाठ्यक्रम जैसे अंतःविषय और अत्याधुनिक पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। विभिन्न विषयों में आवेदन 2021 में 3,000 से बढ़कर 2025 में 7,600 हो गए हैं, जिसमें जम्मू-कश्मीर और उसके बाहर विविधता में वृद्धि हुई है।"उन्होंने कहा कि 2021 से पहले अनुसंधान के लिए आईयूएसटी का बाह्य वित्तपोषण केवल दो करोड़ रुपये वार्षिक था। पिछले चार वर्षों में अनुसंधान के लिए 69 करोड़ रुपये से अधिक का बाह्य वित्तपोषण प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा "वर्ष 2021 में एक 'शून्य' स्टार्ट-अप से, विश्वविद्यालय पिछले चार वर्षों में 93 स्टार्ट-अप को इनक्यूबेट करने, 225 से अधिक इनक्यूबेटी की मेजबानी करने और नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और आईटी में पुरस्कार विजेता नवाचारों को पोषित करने तक बढ़ गया है। 32 पेटेंट प्रदान किए गए हैं, 77 पेटेंट प्रकाशित किए गए हैं, 33 और दायर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त दो संकाय अपने क्षेत्र में शीर्ष भारतीय वैज्ञानिकों में शुमार हैं। यह आईयूएसटी के लिए गर्व की बात है।"उपराज्यपाल ने आईयूएसटी को कम लागत वाले ऊर्जा प्रतिरोधी घरों के विकास में अनुसंधान नवाचार के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय से सड़क और भवन निर्माण सामग्री के प्रभावी पुन: उपयोग और अधिक टिकाऊ सड़कों के लिए कोल्ड-मिक्स तकनीक को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि आईयूएसटी को पारंपरिक सिग्नल टावरों पर निर्भर हुए बिना दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचने के लिए संचार प्रौद्योगिकी के लिए नवीन समाधान भी प्रदान करने चाहिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित