नयी दिल्ली , नवंबर 17 -- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली बम विस्फोट के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की वचनबद्धता जताते हुए सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना हम सबकी साझी प्रतिबद्धता है।
श्री शाह ने आज हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32 वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना हम सबकी साझी प्रतिबद्धता है। मोदी सरकार के अब तक के रिकार्ड के अनुरूप दिल्ली बम विस्फोट के दोषियों को हम पाताल से भी ढूंढ कर देश की न्यायिक व्यवस्था के सामने खड़ा करेंगे और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण है कि सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का सृजन करते हैं और इसे ज़मीन पर उतारने में क्षेत्रीय परिषदों का बहुत महत्व है। संवाद, सहयोग, समन्वय और 'पॉलिसी सिनर्जी' के लिए क्षेत्रीय परिषदें बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन परिषदों के माध्यम से कई प्रकार की समस्याओं को हल किया गया है।
उन्होंने कहा कि अभी भी महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में जल्द सजा दिलाने में विलंब, कुपोषण जैसी कई समस्याएं हैं जिनसे देश को मुक्त करने की ज़रूरत है। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत यौन अपराध और बलात्कार के मामलों की त्वरित जांच पर बल देते हुए कहा कि ऐसे घृणित अपराध को कोई भी सभ्य समाज स्वीकार नहीं कर सकता। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की संख्या बढ़ाई जाए।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता, कृषि और मछली पालन गरीबी दूर करने और रोजगार प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं। सहकारिता, कृषि और मछली पालन से गरीबी दूर हो रही है और रोजगार बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री के 'सहकार से समृद्धि' के मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावना है। उन्होंने जोर दिया कि सकल घरेलू उत्पाद के साथ रोजगार, खासकर स्वरोजगार में वृद्धि से ही एक विकसित भारत के स्वप्न को साकार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सिर्फ जीडीपी देश की समृद्धि का परिचायक नहीं होता बल्कि समृद्धि तभी मानी जाती है जब हर व्यक्ति गरीबी रेखा से ऊपर आ जाता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने देश भर में सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 57 पहल की हैं। इनमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स ) के कंप्यूटरीकरण, तीन नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों की स्थापना और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना शामिल है।
बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, जम्मू-कश्मीरके मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, संघ शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और लद्दाख के उप-राज्यपाल कविंदर गुप्तात था इन राज्यों एवं संघशासित प्रदेशों के वरिष्ठ मंत्री भी शामिल हुए। बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, अंतर राज्यपरिषद सचिवालय के सचिव, सदस्य राज्यों के मुख्यसचिव/ सलाहकार और राज्य सरकारों तथा केन्द्रीयमंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित