नयी दिल्ली , अक्टूबर 21 -- देश के आठ प्रमुख उद्योगों की संयुक्त उत्पादन वृद्धि दर सितंबर में घटकर तीन प्रतिशत रह गयी जो तीन महीने का निचला स्तर है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 40 प्रतिशत से अधिक का भारांश रखने वाले आठ प्रमुख उद्योगों में से इस्पात, सीमेंट, बिजली और उर्वरक वर्गों का उत्पादन सितंबर में बढ़ा है जबकि प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, कच्चा तेल और कोयला उत्पादन में गिरावट दर्ज की गयी।
संयुक्त उत्पादन वृद्धि दर सितंबर में तीन प्रतिशत रही जो अगस्त 2025 में 6.5 प्रतिशत और सितंबर 2024 में 2.4 प्रतिशत रही थी। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में अप्रैल से सितंबर तक उत्पादन वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 2.9 प्रतिशत दर्ज की गयी है।
संयुक्त उत्पादन वृद्धि दर के सकारात्मक रहने में इस्पात क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक रहा। इसकी वृद्धि दर 14.1 प्रतिशत रही। पहली छमाही में उत्पादन 11 फीसदी बढ़ा है।
सीमेंट क्षेत्र में सितंबर की वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत और पहली छमाही की 7.7 प्रतिशत पर रही। सालाना आधार पर सितंबर में बिजली उत्पादन 2.1 फीसदी और पहली छमाही में 0.9 फीसदी बढ़ी। उर्वरक उत्पादन सितंबर में 1.6 प्रतिशत और छमाही में 0.4 प्रतिशत बढ़ा।
प्राकृतिक गैस के उत्पादन में सितंबर में 3.8 प्रतिशत और पहली छमाही में 2.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों में भी सितंबर में 3.7 फीसदी और पहली छमाही में 0.3 प्रतिशत की गिरावट रही।
कच्चे तेल का उत्पादन सितंबर में 1.3 प्रतिशत घट गया जबकि पहले छह महीने में यह गिरावट 1.1 प्रतिशत रही। कोयले का उत्पादन सितंबर में 1.2 प्रतिशत और छमाही में 0.7 प्रतिशत घट गया।
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