पटना , जनवरी 07 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बुधवार को सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया 08 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कम से कम 2.5 लाख किसानों की रजिस्ट्री पूर्ण हो जानी चाहिए।
श्री अमृत ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक को संबोधित किया। बैठक का मुख्य एजेंडा 'फार्मर रजिस्ट्री' के क्रियान्वयन और वर्तमान में चल रहे विशेष अभियान के दूसरे दिन की प्रगति की समीक्षा करना था।
श्री अमृत ने उन जिलों के जिलाधिकारियों की विशेष रूप से सराहना की जहां ई-केवाईसी की प्रक्रिया में तेजी आई है और जिसके परिणामस्वरूप किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अधिक संख्या में दर्ज की गई है। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले कटिहार,वैशाली,मुजफ्फरपुर और अररिया जिले की कार्यशैली को सराहा।
मुख्य सचिव श्री अमृत ने अन्य सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में कार्य की गति बढ़ाएं और निर्धारित लक्ष्य को समय सीमा के भीतर हासिल करें। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि 08 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कम से कम 2.5 लाख किसानों की रजिस्ट्री पूर्ण हो जानी चाहिए। उन्होंने प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी अंचलवार प्रति घंटे प्रगति की बारीकी से जांच करें।जिन क्षेत्रों या अंचलों में फार्मर रजिस्ट्री की गति धीमी है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए और आने वाली बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए।
मुख्य सचिव श्री अमृत ने दोहराया कि फार्मर रजिस्ट्री सरकार की प्राथमिकता है जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से मिल सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को इस विशेष अभियान को मिशन मोड में चलाने का निर्देश दिया।
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