वाराणसी , दिसंबर 19 -- आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेशी के लिए वाराणसी कोर्ट लाया गया। इस दौरान पूरे कचहरी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

उनके खिलाफ चौक थाने में दर्ज एक मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) राजीव मुकुल पांडेय की अदालत में सुनवाई हुई। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने इस दौरान जमकर सीटी बजाई, जो चर्चा का विषय बना रहा।

अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता अनुज यादव ने बताया कि चौक थाने में दर्ज एफआईआर में लगाई गई दो धाराएं असंज्ञेय अपराध की श्रेणी में आती हैं, जिनमें मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता। शेष धाराओं में अधिकतम तीन वर्ष से कम सजा का प्रावधान है, जिसमें रिमांड का प्रावधान नहीं होता। सुनवाई के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

अमिताभ ठाकुर को गुरुवार शाम देवरिया जेल से वाराणसी लाया गया था, जिसके बाद उन्हें वाराणसी सेंट्रल जेल में रखा गया। पेशी के बाद पुनः उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया गया।

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